Monika Yadav को नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच लापता समझे जाने के बाद अब पुलिस ने उनकी सुरक्षित होने की पुष्टि कर दी है। रायपुर के डीडी नगर इलाके के रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने अपनी पत्नी की तलाश के लिए नेपाल बाढ़ के दौरान सक्रिय की गई आपदा हेल्पलाइन का सहारा लिया था।
मामला तब और चौंकाने वाला हो गया जब नेपाल में तलाश के बाद मोनिका जनकपुर में सुरक्षित मिलीं। पुलिस द्वारा कराई गई वीडियो कॉल में सामने आया कि वह बाढ़ में फंसी नहीं थीं, बल्कि अपनी इच्छा से जनकपुर गई थीं और वहां किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रही थीं।
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नेपाल बाढ़ के बीच कैसे शुरू हुई तलाश?
जानकारी के मुताबिक रायपुर के डीडी नगर निवासी युवक की मुलाकात छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की रहने वाली मोनिका यादव से Instagram के जरिए हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में उन्होंने अंतरजातीय प्रेम विवाह किया।
बताया गया है कि दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी। हालांकि शादी के कुछ महीनों बाद ही रिश्ते में तनाव पैदा होने लगा और मोनिका अचानक घर से चली गईं।
शुरुआत में पति को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। फोन बंद होने के कारण संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
Monika Yadav की गुमशुदगी की शिकायत
रिपोर्ट के मुताबिक पति ने 25 जुलाई को डीडी नगर पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। स्थानीय स्तर पर मिली कुछ अपुष्ट जानकारियों के आधार पर उसे आशंका थी कि मोनिका नेपाल चली गई हैं।
इसी बीच नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की खबरों ने मामले को नया मोड़ दे दिया। परिवार को चिंता हुई कि कहीं मोनिका भी आपदा में फंस तो नहीं गईं।
हालांकि, शुरुआती तौर पर नेपाल जाने की जानकारी की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
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हेल्पलाइन के जरिए नेपाल तक पहुंची जानकारी
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद भारत और कई राज्यों ने वहां फंसे नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम सक्रिय किए थे। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी नेपाल में मौजूद प्रदेश के नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था शुरू की थी।
इसी आपदा तंत्र के जरिए रायपुर के युवक ने अपनी पत्नी के नेपाल में लापता होने की सूचना दी। इसके बाद मामला प्रशासनिक और राजनयिक स्तर तक पहुंचा और नेपाल में उनकी तलाश शुरू की गई।
Monika Yadav जनकपुर में सुरक्षित मिलीं
तलाश के दौरान नेपाल की टीम को Monika Yadav जनकपुर में सुरक्षित मिलीं। इसके बाद रायपुर पुलिस ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनकी पहचान और सुरक्षा की पुष्टि की।
वीडियो कॉल के दौरान जो जानकारी सामने आई, उसने पूरे मामले को अलग दिशा दे दी। पुलिस के अनुसार मोनिका बाढ़ में फंसी हुई नहीं थीं और न ही किसी आपदा क्षेत्र में असहाय स्थिति में मिलीं।
इसके बजाय वह अपनी इच्छा से जनकपुर गई थीं और वहां किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रह रही थीं। इस तरह जिस मामले को नेपाल बाढ़ के बीच एक संभावित लापता व्यक्ति की तलाश के तौर पर देखा जा रहा था, उसका अंत अलग ही कहानी के साथ हुआ।
वीडियो कॉल में हुआ पूरा खुलासा
डीडी नगर पुलिस द्वारा कराई गई वीडियो कॉल का उद्देश्य पहले मोनिका की सुरक्षा की पुष्टि करना था। बातचीत में अधिकारियों को पता चला कि वह सुरक्षित हैं।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि नेपाल में उनके लापता होने की आशंका और वास्तविक स्थिति में अंतर था। पुलिस ने उनकी सुरक्षा की पुष्टि करते हुए मामले का अपडेट परिवार को दिया।
बाढ़ और गुमशुदगी के बीच क्या था कनेक्शन?
नेपाल में इस समय भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा के कारण कई भारतीय नागरिकों से संपर्क टूटने की खबरें सामने आई हैं और विभिन्न राज्यों ने अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए हेल्पलाइन सक्रिय की हैं।
इसी व्यापक आपदा के बीच मोनिका की गुमशुदगी की सूचना सामने आने से प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। बाद में जनकपुर में उनके सुरक्षित मिलने से स्थिति साफ हुई।
यह मामला यह भी दिखाता है कि आपदा के दौरान सक्रिय किए गए हेल्पलाइन और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल नागरिकों की जानकारी जुटाने में किस तरह किया जा सकता है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि महिला सुरक्षित है और उसकी स्थिति की जानकारी मिल चुकी है। इस तरह गुमशुदगी और नेपाल में कथित आपदा से जुड़ी चिंता का समाधान हो गया।
हालांकि, पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़े निजी पहलुओं पर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस का तत्काल फोकस महिला की सुरक्षा की पुष्टि करने और गुमशुदगी की स्थिति स्पष्ट करने पर था।
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Monika Yadav मामले में आया बड़ा मोड़
शुरुआत में Monika Yadav की तलाश नेपाल में बाढ़ के बीच एक संभावित आपदा पीड़ित के तौर पर की जा रही थी। लेकिन जनकपुर में सुरक्षित मिलने के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई।
रायपुर पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के प्रयासों से उनकी लोकेशन का पता चला और वीडियो कॉल के जरिए उनकी सुरक्षा की पुष्टि हुई। अब यह मामला नेपाल बाढ़ में फंसे व्यक्ति की तलाश के बजाय एक अलग पारिवारिक और निजी घटनाक्रम के रूप में सामने आया है।
Monika Yadav का मामला नेपाल की भीषण बाढ़ के बीच शुरू हुआ और एक अप्रत्याशित मोड़ पर खत्म हुआ। रायपुर के पति ने आपदा हेल्पलाइन के जरिए पत्नी के नेपाल में लापता होने की सूचना दी, जिसके बाद नेपाल में तलाश शुरू हुई। आखिरकार मोनिका जनकपुर में सुरक्षित मिलीं और पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए उनकी स्थिति की पुष्टि की। इस पूरे घटनाक्रम ने गुमशुदगी, आपदा हेल्पलाइन और निजी रिश्ते से जुड़े मामले को एक बेहद असामान्य मोड़ दे दिया।
