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Raksha Bandhan 2026 पर लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका को राखी बांधते दिव्यांग बच्चे

Raksha Bandhan 2026 के अवसर पर रायपुर स्थित लोक भवन में भाई-बहन के स्नेह के साथ अपनत्व और समान अवसर का भाव भी देखने को मिला। कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों और मिनी मार्वेल्स स्कूल के नन्हे बच्चों ने लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल रमेन डेका को अपने हाथों से बनाई राखियां बांधीं।

बच्चों ने राज्यपाल की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की। इसके बाद बच्चों ने राज्यपाल का मुंह भी मीठा कराया।

मासूम हाथों से तैयार राखियां जब राज्यपाल की कलाई पर सजीं तो पूरा वातावरण आत्मीयता और भावनाओं से भर गया। राज्यपाल ने बच्चों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार किया और उन्हें आशीर्वाद के साथ उपहार भी भेंट किए।

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Raksha Bandhan 2026 पर लोक भवन में खास रहा आयोजन

लोक भवन पहुंचने पर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। विशेष रूप से कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों के लिए यह अवसर आत्मविश्वास और गौरव से जुड़ा रहा।

बच्चों ने खुद राखियां तैयार की थीं। उन्होंने राज्यपाल को अपनी बनाई राखियों की विशेषता के बारे में भी बताया। अपने हाथों से राखी तैयार करना और फिर उसे राज्यपाल की कलाई पर बांधना बच्चों की रचनात्मकता और कौशल का उदाहरण रहा।

यह आयोजन रक्षाबंधन के पारंपरिक भाव से आगे बढ़कर बच्चों की प्रतिभा को पहचान देने वाला अवसर भी बना।

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बच्चों की रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की झलक

कोपल वाणी के बच्चों द्वारा स्वयं राखियां बनाना उनकी रचनात्मक क्षमता और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। आयोजन के दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी कला और मेहनत को प्रस्तुत किया।

दिव्यांग बच्चों के लिए ऐसे अवसर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समाज में समान अवसर और प्रोत्साहन मिलने से बच्चे अपनी क्षमताओं को और बेहतर तरीके से सामने ला सकते हैं।

Raksha Bandhan 2026 ने दिया समानता का संदेश

रक्षाबंधन के इस अवसर ने यह संदेश भी दिया कि दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए।

लोक भवन में बच्चों की मौजूदगी ने इस विचार को मजबूत किया कि प्रतिभा किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होती। उचित प्रोत्साहन और अवसर मिलने पर हर बच्चा अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकता है।

राज्यपाल रमेन डेका ने बच्चों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए इस पहल को आत्मीय बताया।

राज्यपाल ने बच्चों को दिया आशीर्वाद और उपहार

राज्यपाल ने बच्चों के स्नेह को स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, स्नेह और पारस्परिक विश्वास का पर्व है। बच्चों का आत्मीय स्नेह उनके मन को छू लेने वाला है।

राज्यपाल ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समाज से दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

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Raksha Bandhan 2026 में आत्मविश्वास का संदेश

राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है। उनकी प्रतिभा और कौशल को पहचानने के साथ उन्हें लगातार प्रोत्साहन भी दिया जाना चाहिए।

रक्षाबंधन के इस आयोजन में बच्चों ने केवल राखी नहीं बांधी, बल्कि अपने कौशल और आत्मविश्वास का भी परिचय दिया। उनके द्वारा बनाई गई राखियों ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक स्पर्श दिया।

लोक भवन में मौजूद रहे संस्थाओं के प्रतिनिधि

कार्यक्रम में कोपल वाणी की संस्थापिका पदमा शर्मा, श्रद्धा साहू और सोनिया दामनी मौजूद रहीं। मिनी मार्वेल्स स्कूल की डायरेक्टर अनुभूति श्रीवास्तव सहित शिक्षकगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

शिक्षकों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बच्चों ने राज्यपाल के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बच्चों के उत्साह और राज्यपाल के प्रोत्साहन से कार्यक्रम का माहौल आत्मीय बना रहा।

Raksha Bandhan 2026 पर रायपुर के लोक भवन में हुआ यह आयोजन भाई-बहन के स्नेह के साथ समानता, सम्मान और आत्मनिर्भरता का सुंदर संदेश लेकर आया। कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों और मिनी मार्वेल्स स्कूल के बच्चों ने अपने हाथों से बनाई राखियां राज्यपाल रमेन डेका को बांधीं। राज्यपाल ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह अवसर इस बात की याद दिलाता है कि दिव्यांग बच्चों को समान अवसर और निरंतर प्रोत्साहन देकर उनकी प्रतिभा को नई दिशा दी जा सकती है।

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