अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों का गढ़ ध्वस्त — अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार

Chhattisgarh, Raipur News: बुधवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के फर्जी कॉल सेंटर का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया। यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था।

अब तक 35 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

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Raipur News: क्या है पूरा मामला?

रायपुर के गंज थाना क्षेत्र के पास स्थित पिथलिया कॉम्प्लेक्स की दूसरी और तीसरी मंजिल पर यह फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा था।

आरोपियों ने एक फाइनेंस कंपनी की आड़ लेकर इस पूरे नेटवर्क को चालू रखा था। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य कार्यालय जैसा दिखता था, लेकिन अंदर से यह अंतरराष्ट्रीय ठगी का केंद्र था।

सबसे अहम बात यह है कि यह कॉल सेंटर रात के समय ऑपरेट होता था — ताकि अमेरिकी समय क्षेत्र के अनुसार वहां के नागरिकों को कॉल किया जा सके।


कहां और कैसे चल रहा था यह फर्जी कॉल सेंटर?

Raipur News के इस मामले में कॉल सेंटर की लोकेशन और कार्यपद्धति दोनों ही चौंकाने वाली हैं।

  • स्थान: पिथलिया कॉम्प्लेक्स, गंज थाना क्षेत्र, रायपुर
  • मंजिल: दूसरी और तीसरी
  • आड़: एक फर्जी फाइनेंस कंपनी
  • समय: रात की पाली — अमेरिकी समय के अनुसार

आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने अपने पूरे ऑपरेशन को एक वैध व्यावसायिक कार्यालय के रूप में छुपाया हुआ था।


आरोपी कैसे करते थे ठगी — जानें पूरा तरीका

यह गिरोह एक बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी बैंक या वित्तीय संस्थाओं के अधिकारी बनकर अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे।

ठगी का तरीका:

पहले वे अमेरिकी नागरिकों को लुभावने ऑफर देते थे या उनके बैंक खाते में कोई समस्या होने का झूठा डर दिखाते थे। इसके बाद निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स हासिल करते थे। अंत में उनके खातों से पैसे ट्रांसफर करा लेते थे।

यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध में ‘Vishing’ (Voice Phishing) कहलाती है — जो फोन के जरिए की जाने वाली धोखाधड़ी है।

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Raipur News: पुलिस ने कैसे की कार्रवाई?

सेंट्रल जोन के डीसीपी उमेश गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई एक मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई।

क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर अचानक दबिश दी और बड़ी संख्या में आरोपियों को हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

35 से अधिक आरोपी पकड़े जा चुके हैं और पुलिस का मानना है कि गिरोह में और भी सदस्य हो सकते हैं जो अभी फरार हैं।


किन राज्यों के लोग थे इस गिरोह में शामिल?

Raipur News में यह खुलासा और भी चौंकाने वाला है — यह केवल स्थानीय ऑपरेशन नहीं था।

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के लोग भी शामिल थे। ये लोग इस नेटवर्क के तकनीकी और ऑपरेशनल काम को संभाल रहे थे।

इससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक अंतरराज्यीय संगठित साइबर अपराध गिरोह था — जिसकी जड़ें कई राज्यों में फैली हुई थीं।


Raipur News: जांच में आगे क्या होगा?

पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

  • अब तक कितने अमेरिकी नागरिक इस ठगी का शिकार हुए
  • इनसे कुल कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई
  • पैसा कहां और कैसे ट्रांसफर किया जाता था
  • इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड कौन हैं

अधिकारियों का कहना है कि यह जांच लंबी चल सकती है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं। डिजिटल फॉरेंसिक टीम सभी डिवाइस और डेटा की जांच कर रही है।

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साइबर फ्रॉड से कैसे बचें — जरूरी सावधानियां

इस Raipur News मामले से आम नागरिकों के लिए भी एक बड़ा सबक है। कुछ जरूरी सावधानियां:

कभी न करें:

  • किसी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी साझा न करें
  • OTP, CVV या पासवर्ड फोन पर न बताएं
  • डरावने या लुभावने ऑफर पर तुरंत विश्वास न करें

जरूर करें:

  • संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत Cyber Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करें
  • बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी सत्यापित करें

Raipur News का यह मामला बताता है कि साइबर अपराध अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहा — बल्कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के अपराधी सक्रिय हो गए हैं। रायपुर क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई सराहनीय है और यह संदेश देती है कि कोई भी अपराधी कानून की पहुंच से बाहर नहीं है।

आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। Raipur News पर नजर रखें और साइबर फ्रॉड से सतर्क रहें।

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