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Naxal Cases Review: गैर-गंभीर मामलों की हर सप्ताह होगी समीक्षा

Naxal Cases Review को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि नक्सल मामलों में जेल में बंद ऐसे आरोपियों, जिनके विरुद्ध गंभीर जनहानि के मामले नहीं हैं, उनके प्रकरणों की विधिसम्मत समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके लिए अभियोजन अधिकारियों और शासकीय वकीलों की विशेष टीम गठित की जाएगी तथा हर सप्ताह संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित होगी।

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बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों को तेज करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।


Naxal Cases Review के तहत बनेगी शासकीय वकीलों की टीम

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जिन नक्सल मामलों में जनहानि नहीं हुई है, उन मामलों की कानूनी समीक्षा कर प्रकरण वापसी की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

इसके लिए विधि विभाग के सहयोग से अभियोजन अधिकारियों और शासकीय वकीलों का विशेष दल बनाया जाएगा। यह दल प्रत्येक मामले की विधिक जांच करेगा और पात्र मामलों में आगे की कार्रवाई करेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर की जाएगी और प्रत्येक सप्ताह इसकी प्रगति की समीक्षा संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में होगी।

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Naxal Cases Review के साथ 50 नक्सल मुक्त गांवों के विकास को मिलेगी गति

50 गांवों को मिलेंगे एक-एक करोड़ रुपये

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पहले अति नक्सल प्रभावित रहे और अब नक्सल मुक्त घोषित गांवों के विकास के लिए विशेष योजना लागू की जाएगी।

सरकार ने फिलहाल 50 गांवों को चिन्हित किया है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं।

इन सभी गांवों में एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार हो सके।


15 अगस्त को हर नक्सल मुक्त गांव में तिरंगा यात्रा

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त गांवों में तिरंगा फहराया जाएगा और तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।

सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाना है।


पीड़ित और पुनर्वासित परिवारों को मिलेगी हर संभव सहायता

Naxal Cases Review बैठक में गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए।

इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां सामुदायिक स्मारकों का निर्माण भी कराया जाएगा, ताकि शहीद जवानों और पीड़ित नागरिकों की स्मृतियों को सम्मान मिल सके।

उन्होंने जिलावार शहीद जवानों, मृत नागरिकों, उनके परिजनों को दी गई सहायता और लंबित मामलों की भी समीक्षा की तथा सभी निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


एक माह में मिलेगा पुनर्वास प्रोत्साहन और बनेगा डैशबोर्ड

पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण या पुनर्वास प्राप्त युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि एक माह के भीतर देने के निर्देश दिए।

उन्होंने नक्सल पीड़ितों और पुनर्वासित परिवारों को दी जाने वाली सभी सुविधाओं की निगरानी के लिए डैशबोर्ड में नियमित जानकारी दर्ज करने को भी कहा।

इसके अलावा माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए अंतर्राज्यीय समिति बनाकर मिलान करने और जंगलों में कोई हथियार न छूटे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।


Naxal Cases Review को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय राहत, पुनर्वास और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति को दर्शाता है। गैर-गंभीर मामलों की कानूनी समीक्षा, 50 नक्सल मुक्त गांवों के लिए विशेष विकास पैकेज, पीड़ित परिवारों को आवास और पुनर्वासित युवाओं को समयबद्ध सहायता जैसे कदम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाली और विकास को नई गति दे सकते हैं। Naxal Cases Review की नियमित साप्ताहिक समीक्षा से इन फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन की उम्मीद भी बढ़ गई है।

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