NEET Exam Stress से जुड़ी एक दुखद घटना छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से सामने आई है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में लगातार तीसरी बार असफल होने के बाद एक छात्रा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि मौत के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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NEET Exam Stress: क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार यह घटना बोधघाट थाना क्षेत्र, जगदलपुर की है। मृतक छात्रा की पहचान सुरला द्वारिका राव नायडू के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी।
बताया गया कि छात्रा ने लगातार तीन बार परीक्षा दी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। गुरुवार रात उसने अपने कमरे में फांसी लगा ली।
शुक्रवार तड़के परिजन उसे अचेत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
डीएसपी सुमित कुमार धोत्रे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली है कि छात्रा परीक्षा परिणाम को लेकर मानसिक तनाव में थी।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने फिलहाल किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
NEET Exam Stress: विशेषज्ञ ने क्या कहा?
मनोचिकित्सक डॉ. वत्सला के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता को कई विद्यार्थी अपनी पूरी पहचान और भविष्य से जोड़ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह केवल एक परीक्षा का परिणाम होता है।
उनका कहना है कि यदि किसी विद्यार्थी के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे, जैसे अत्यधिक उदासी, सामाजिक दूरी, निराशा या चिड़चिड़ापन, तो परिवार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर भावनात्मक सहयोग एवं विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
परिवार और समाज की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर अपेक्षाओं का दबाव अधिक होता है। ऐसे में परिवार और शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
- बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखें।
- केवल परीक्षा परिणाम के आधार पर उनका मूल्यांकन न करें।
- असफलता को सीखने का अवसर समझने के लिए प्रेरित करें।
- जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सहायता लें।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहना जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई विद्यार्थी लगातार तनाव, निराशा या भावनात्मक संकट से गुजर रहा हो, तो उसे अकेला न छोड़ें। समय पर बातचीत, परिवार का सहयोग और पेशेवर मदद कई गंभीर परिस्थितियों को टाल सकती है।
NEET Exam Stress से जुड़ी यह घटना परीक्षा के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को एक बार फिर सामने लाती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा जीवन का केवल एक हिस्सा है, इसलिए परिवार और समाज को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील और सहयोगी बनने की आवश्यकता है।
यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट, निराशा या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर सहायता जीवन बचा सकती है।
