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दुर्ग में National Deworming Day अभियान शुरू

National Deworming Day के अवसर पर दुर्ग जिले में 0 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाने के अभियान की शुरुआत की गई। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाना और उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

जिला स्तरीय कार्यक्रम शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला महमरा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत दुर्ग की स्वास्थ्य समिति सभापति सुश्री प्रिया साहू ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर की।

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National Deworming Day के तहत बच्चों को एल्बेंडाजोल

कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को कृमि संक्रमण से होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता अपनाने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की समझाइश दी गई।

राष्ट्रीय स्तर पर भी National Deworming Day के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को कृमिनाशक दवा देने का कार्यक्रम संचालित किया जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार इसका उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

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National Deworming Day क्यों है जरूरी?

कृमि संक्रमण बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इससे शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा आने के साथ एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

इसी वजह से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बड़े स्तर पर कृमिनाशक अभियान चलाया जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार यह अभियान साल में दो चरणों में संचालित किया जाता है।

17 अगस्त को छूटे बच्चों को मिलेगी दवा

दुर्ग जिले में अभियान के दौरान किसी कारण से एल्बेंडाजोल की दवा लेने से छूट गए बच्चों को 17 अगस्त 2026 को दवा खिलाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान में किसी भी पात्र बच्चे के छूटने से बचाने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों से सहयोग की अपील की है।

यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि अभियान के निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके और अधिक से अधिक बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाव का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

महमरा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती नर्मदा ठाकुर और उपसरपंच श्री केवल निषाद सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में बच्चों को केवल दवा ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें स्वच्छता और संक्रमण रोकने के उपायों की जानकारी भी दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

अभिभावकों से की गई विशेष अपील

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री प्रिया साहू ने जिले के अभिभावकों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों से भी अधिक से अधिक बच्चों को अभियान से जोड़ने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा कृमिनाशक दवा से वंचित न रहे। इसके लिए स्कूल और आंगनबाड़ी स्तर पर जागरूकता और सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वच्छता से संक्रमण पर नियंत्रण

कृमि संक्रमण से बचाव में दवा के साथ स्वच्छता की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बच्चों को साफ हाथ रखने, स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और संक्रमण से बचाव के जरूरी उपायों की जानकारी दी गई।

National Deworming Day अभियान इसी व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता का हिस्सा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देशों में भी स्कूल और आंगनबाड़ी आधारित कृमिनाशक अभियान को महत्वपूर्ण बताया गया है।

दुर्ग जिले में National Deworming Day अभियान की शुरुआत बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 0 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल देने के साथ स्वच्छता और संक्रमण से बचाव की जानकारी भी दी जा रही है। जो बच्चे अभियान के दौरान दवा लेने से छूट जाएंगे, उन्हें 17 अगस्त 2026 को दवा दी जाएगी। अभिभावकों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सहयोग से National Deworming Day के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने की उम्मीद है।

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