Nari Shakti Samman समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, पत्रकारिता, साइबर सुरक्षा, कला-संस्कृति, कृषि, उद्यमिता और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।
महिला आयोग की नई अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि समाज और प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण ताकत हैं।
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Nari Shakti Samman में CM साय का आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं है। उन्हें रोजगार, उद्यमिता और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। महिला की आय और संपत्ति में भागीदारी उसके सामाजिक और पारिवारिक निर्णयों में भूमिका को भी मजबूत करती है।
68 लाख से ज्यादा महिलाओं को महतारी वंदन का लाभ
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उनके अनुसार, योजना की अब तक 31 किस्तें जारी हो चुकी हैं।
सरकार महिला कल्याण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता योजनाओं के साथ रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना भी जरूरी है।
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Nari Shakti Samman में लखपति दीदी का जिक्र
समारोह में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खेती, वनोपज और छोटे कारोबार के साथ तकनीकी क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं।
महिला समूहों की गतिविधियों के लिए राज्य में 481 महतारी सदन बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य महिला समूहों को अपनी गतिविधियां संचालित करने के लिए बेहतर आधार उपलब्ध कराना है।
सरकार के अनुसार, महिलाओं को सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान
मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल का भी उल्लेख किया। इसके तहत 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी गई।
बालिकाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक और स्वच्छता सुविधाओं को महिला सशक्तिकरण की बुनियादी जरूरतों से जोड़ते हुए सरकार ने शिक्षा और सुरक्षित वातावरण पर भी जोर दिया है।
महिला आयोग को गांवों तक पहुंचने की सलाह
मुख्यमंत्री साय ने महिला आयोग की नई अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए आयोग के कामकाज को और व्यापक बनाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि आयोग को केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गांवों, कस्बों और दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होने पर वे कानूनी और सामाजिक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकती हैं।
Nari Shakti Samman में संपत्ति अधिकार पर जोर
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति के पंजीयन को भी आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि महिला के नाम संपत्ति होने से उसका आर्थिक आधार मजबूत होता है।
उनके मुताबिक, संपत्ति में हिस्सेदारी महिलाओं की पारिवारिक निर्णय प्रक्रिया में भूमिका बढ़ाने में भी मदद कर सकती है। इसलिए महिलाओं के आर्थिक अधिकारों को मजबूत करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने के साथ समाज की सोच में बदलाव भी जरूरी है।
2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि इस दौरान महिलाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को विकास की मुख्यधारा में और मजबूत करना है।
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अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं को सम्मान
Nari Shakti Samman के मंच पर चिकित्सा, शिक्षा, खेल, पत्रकारिता, साइबर सुरक्षा, कला-संस्कृति, कृषि, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इस आयोजन के जरिए राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से पहचान देने के साथ महिला अधिकारों और सशक्तिकरण के मुद्दे को भी प्रमुखता से सामने रखा।
Nari Shakti Samman समारोह छत्तीसगढ़ में महिला उपलब्धियों और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं को योजनाओं के लाभ से आगे बढ़ाकर रोजगार, उद्यमिता और संपत्ति में भागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया। महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी, महतारी सदन और ‘महतारी गौरव वर्ष’ जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए सरकार ने महिला आत्मनिर्भरता को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
