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बलरामपुर में नशीले इंजेक्शन तस्करी पर बड़ा एक्शन

Narcotic Injection Smuggling मामले में बलरामपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चौथे आरोपी को झारखंड के गढ़वा से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजू कुमार गोंड (46) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह छत्तीसगढ़ में नशीले इंजेक्शन खपाने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया। मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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Narcotic Injection Smuggling मामले में चौथा आरोपी गिरफ्तार

बलरामपुर पुलिस के अनुसार, राजू कुमार गोंड झारखंड के गढ़वा स्थित मदरसा रोड का निवासी है। जांच में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस टीम ने गढ़वा पहुंचकर उसे हिरासत में लिया।

12 अगस्त 2026 को उसे गढ़वा से पकड़ा गया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जिला जेल भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई कहां से होती थी और इन्हें छत्तीसगढ़ में किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

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985 नशीले इंजेक्शन से खुला था नेटवर्क

मामले की शुरुआत 17 मई 2026 को हुई थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बलरामपुर पुलिस ने बड़कीमहरी गांव में घेराबंदी की थी।

पुलिस ने गढ़वा से अंबिकापुर की ओर बाइक से जा रहे दो लोगों को रोककर तलाशी ली। इस दौरान राहुल गुप्ता के कब्जे से 481 बुप्रेनॉर्फिन और 504 फेनिरामाइन मैलेट इंजेक्शन बरामद किए गए।

कुल मिलाकर पुलिस ने 985 नशीले इंजेक्शन जब्त किए थे। इसके बाद आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(b) के तहत कार्रवाई की गई और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस मामले में अपराध क्रमांक 81/2026 दर्ज कर पुलिस ने आगे की जांच शुरू की थी।

Narcotic Injection Smuggling में अब तक चार गिरफ्तार

पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में एक के बाद एक आरोपियों के नाम सामने आए। पुलिस ने 24 मई को राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया।

इसके बाद 28 जुलाई को किशुन राम उर्फ बबलू ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

जांच के दौरान पुलिस को राजू कुमार गोंड की कथित भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने झारखंड के गढ़वा में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया।

इस तरह नशीले इंजेक्शन तस्करी के इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश तेज

बलरामपुर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच का उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि नशीले इंजेक्शनों की खरीद, परिवहन और छत्तीसगढ़ में सप्लाई से जुड़े लोगों की पहचान करना भी है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद इंजेक्शन कहां से लाए गए थे और इनके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे। इसके अलावा नेटवर्क में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस की एंड-टू-एंड जांच जारी

पुलिस के अनुसार, मामले में एंड-टू-एंड जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि जांच टीम नशीले इंजेक्शन के स्रोत से लेकर अंतिम सप्लाई तक पूरी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

अंतरराज्यीय कनेक्शन सामने आने के कारण जांच का दायरा छत्तीसगढ़ से बाहर झारखंड तक पहुंच चुका है। पुलिस की कार्रवाई से संकेत मिलता है कि नशीले इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

Narcotic Injection Smuggling के इस मामले में चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बलरामपुर पुलिस की जांच और तेज हो गई है। 985 नशीले इंजेक्शनों की बरामदगी से शुरू हुई कार्रवाई अब अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क तक पहुंच चुकी है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। आने वाले दिनों में जांच से इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।

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