Mason Training Durg: ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत बिरेभाट में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रशिक्षण 27 जुलाई से 25 अगस्त 2026 तक संचालित होगा। इसमें कुल 35 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 33 महिलाएं और 2 पुरुष हैं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को भवन निर्माण की आधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक और व्यवहारिक ज्ञान देना है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे दक्ष राजमिस्त्री के रूप में रोजगार या स्वरोजगार हासिल कर सकें।
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Mason Training Durg में 35 प्रतिभागी शामिल
बिरेभाट में चल रहे प्रशिक्षण में महिलाओं की बड़ी भागीदारी इसे खास बनाती है। कुल 35 प्रशिक्षणार्थियों में 33 महिलाएं हैं, जो निर्माण क्षेत्र में नए कौशल हासिल कर रही हैं।
प्रशिक्षण के जरिए ग्रामीण स्तर पर ऐसे कुशल श्रमिक तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
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नींव से फिनिशिंग तक सिखाई जा रही तकनीक
Mason Training Durg में भवन निर्माण के विभिन्न चरणों की जानकारी दी जा रही है। इसमें नींव निर्माण, ईंट चिनाई, दीवार निर्माण, छत ढलाई, प्लास्टर, फ्लोरिंग और फिनिशिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं।
इसके साथ ही निर्माण सामग्री के सही अनुपात, सामग्री के उचित उपयोग और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी जा रही है।
प्रशिक्षण में केवल किताबी जानकारी तक सीमित नहीं रहा जा रहा, बल्कि व्यवहारिक अभ्यास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे प्रतिभागी वास्तविक निर्माण स्थल पर मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ भवन बनाने में सक्षम हो सकेंगे।
मास्टर ट्रेनर दे रहीं तकनीकी प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर श्रीमती हीरा बाई साहू प्रतिभागियों को भवन निर्माण से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रही हैं।
प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क ड्रेस, टूल किट और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रशिक्षण के दौरान जरूरी संसाधनों के लिए प्रतिभागियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ रहा है।
लगातार अभ्यास के जरिए प्रशिक्षणार्थियों को अलग-अलग निर्माण तकनीकों में दक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में अहम भूमिका
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) सहित अन्य ग्रामीण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर कुशल राजमिस्त्री उपलब्ध होने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ उनकी गति में भी सुधार हो सकता है। इससे आवास निर्माण के काम को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की आधिकारिक जानकारी PMAY-G पोर्टल पर उपलब्ध है।
Mason Training Durg से महिला सशक्तिकरण
बजरंग कुमार दुबे ने कहा कि इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
विशेष रूप से 33 महिलाओं का राजमिस्त्री प्रशिक्षण में शामिल होना महिला सशक्तिकरण का सकारात्मक उदाहरण है। निर्माण जैसे क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनके लिए नए आजीविका विकल्प खुल सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर
ग्राम पंचायत बिरेभाट के सरपंच ज्ञानदास नारंगे ने प्रशिक्षण को गांव की महिलाओं और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को तकनीकी दक्षता मिलेगी और वे स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में रोजगार हासिल कर सकेंगे।
प्रशिक्षित राजमिस्त्री प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण समेत अन्य ग्रामीण निर्माण कार्यों में गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ भवन निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
रोजगार सहायक देवेन्द्र कुमार ध्रुव ने बताया कि प्रशिक्षण नियमित रूप से चल रहा है। प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ लगातार व्यवहारिक अभ्यास कराया जा रहा है।
कौशल से आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव
बिरेभाट का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और ग्रामीण रोजगार सृजन को एक साथ जोड़ रहा है। प्रशिक्षण में शामिल 33 महिलाएं और 2 पुरुष केवल राजमिस्त्री का हुनर नहीं सीख रहे, बल्कि अपने आत्मनिर्भर भविष्य की नींव भी मजबूत कर रहे हैं।
आने वाले समय में इन प्रशिक्षित हाथों से मजबूत और गुणवत्तापूर्ण घरों का निर्माण होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर कुशल श्रमिकों की उपलब्धता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकती है।
Mason Training Durg ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को हुनर देकर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 35 प्रतिभागियों में 33 महिलाओं की भागीदारी इस कार्यक्रम की खास उपलब्धि है। नींव से लेकर फिनिशिंग तक व्यावहारिक प्रशिक्षण, निःशुल्क टूल किट और भोजन जैसी सुविधाएं प्रशिक्षणार्थियों को आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही हैं। यदि प्रशिक्षित राजमिस्त्री स्थानीय स्तर पर रोजगार हासिल करते हैं, तो इसका लाभ परिवारों के साथ-साथ ग्रामीण आवास और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी मिलेगा।
