Mahatari Vandan Yojana की 31वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 25 अगस्त 2026 को बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में कुल 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि अंतरित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे की मुस्कान, आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।
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Mahatari Vandan Yojana की 31वीं किस्त जारी
डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने लाभार्थी महिलाओं से संवाद भी किया। बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित प्रदेश के कुल 67,28,918 हितग्राहियों को योजना की राशि का लाभ मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही जारी करने का निर्णय लिया गया, ताकि बहनें त्योहार की तैयारियां बेहतर तरीके से कर सकें।
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Mahatari Vandan Yojana बनी महिलाओं का आर्थिक सहारा
मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना सिर्फ हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है।
लाभार्थी महिलाएं राशि का इस्तेमाल स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों के लिए कर रही हैं। इससे उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
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रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ का तोहफा
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में मातृशक्ति के सम्मान के कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जो गारंटी दी थी, उसे राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू कर रही है।
Mahatari Vandan Yojana से महिलाओं को आत्मनिर्भरता
समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा तब रहा, जब मुख्यमंत्री ने योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई महिला योजना की राशि बचाकर परिवार का भविष्य सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है या स्वरोजगार शुरू करती है, तब योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने और उसके सपनों को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक बढ़ी भागीदारी
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए चल रही अन्य पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं। अब महिलाएं आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं।
ड्रोन दीदी पहल के जरिए महिलाएं खेतों में खाद और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर किसानों को सेवाएं दे रही हैं। इससे महिलाओं के लिए तकनीक आधारित रोजगार और आय के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
भारत सरकार की महिला और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी के लिए MyScheme आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी देखी जा सकती है।
बालोद को ₹102 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बालोद जिले को लगभग 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें कई परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन शामिल है।
उन्होंने डौंडीलोहारा नगर पंचायत में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण और धनगांव जलाशय में नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग कार्यों की घोषणा की।
डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर 5 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के लिए करीब 19 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।
समारोह में उमरादाह-निपानी मार्ग, अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग और बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया गया।
विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज सहित सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों से धान खरीदी, तेंदूपत्ता संग्राहकों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं का भी उल्लेख किया।
बस्तर के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि शांति के साथ बस्तर में विकास, पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के अवसर और जनजातीय क्षेत्रों का विकास विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेंगे।
महिला एवं बाल विकास से संबंधित केंद्रीय योजनाओं की आधिकारिक जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
Mahatari Vandan Yojana की 31वीं किस्त ने रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की 67 लाख से अधिक महिलाओं के लिए आर्थिक राहत और खुशी का अवसर दिया है। 631 करोड़ रुपये से अधिक का अंतरण महिलाओं के परिवारों की जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और स्वरोजगार में उपयोगी हो सकता है। वहीं बालोद में आयोजित समारोह ने महिला सशक्तिकरण के साथ जिले के विकास कार्यों को भी नई गति देने का संदेश दिया। योजना के जरिए आर्थिक सहायता से लेकर लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों तक महिलाओं की बढ़ती भागीदारी Mahatari Vandan Yojana को महिला आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने लाती है।
