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LMV Driver Training: स्टेयरिंग ने बदली जिंदगी, पुनर्वास केंद्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े सुकमा के युवा

LMV Driver Training छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुनर्वासित युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। कभी भय और अनिश्चितता के माहौल में जीवन बिताने वाले ये युवा अब कौशल विकास और रोजगार की नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और जिला प्रशासन की पहल ने उनके हाथों में सम्मानजनक भविष्य की नई उम्मीद सौंप दी है।

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LMV Driver Training से 31 पुनर्वासित युवाओं को मिला नया अवसर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और सुकमा कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) द्वारा 30 दिवसीय LMV Driver Training कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण 13 जून से 12 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 31 पुनर्वासित युवा भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य उन्हें रोजगार योग्य बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।


LMV Driver Training में केवल ड्राइविंग ही नहीं, जीवन कौशल भी सिखाए जा रहे हैं

सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन की पूरी जानकारी

इस LMV Driver Training कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सुरक्षित वाहन संचालन, सड़क सुरक्षा नियम, यातायात संकेतों और ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

साथ ही वाहन की सामान्य मरम्मत और रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे पेशेवर ड्राइवर के रूप में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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प्रशिक्षण के बाद मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस

जिला प्रशासन ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की व्यवस्था भी की है। इससे युवाओं को निजी और व्यावसायिक क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने में सुविधा होगी।


LMV Driver Training से बढ़ा युवाओं का आत्मविश्वास

प्रशिक्षण में शामिल सोड़ी सोमड़ी ने बताया कि यहां सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब उन्हें विश्वास है कि वे अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेंगी।

उन्होंने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन के इस प्रयास से उन्हें नया जीवन मिला है और वे इसके लिए आभारी हैं।

इसी तरह पुनेम ज्योति ने बताया कि नियमित प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। ड्राइविंग सीखने के बाद वे रोजगार प्राप्त कर अपने परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभा सकेंगी।


प्रशासन का लक्ष्य—रोजगार और आत्मनिर्भरता

सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि कौशल विकास, LMV Driver Training, ड्राइविंग लाइसेंस और रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं के माध्यम से युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।


आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रहे हैं सुकमा के युवा

यह पहल साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और उचित अवसर मिलें तो जीवन की दिशा पूरी तरह बदल सकती है।

आज सुकमा के ये युवा आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वे न केवल अपने परिवार का भविष्य संवार रहे हैं, बल्कि समाज के लिए भी सकारात्मक उदाहरण बन रहे हैं।


सरकार की पुनर्वास नीति का सफल उदाहरण

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास और कौशल विकास योजनाओं का यह मॉडल युवाओं को सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाने में प्रभावी साबित हो रहा है।

ऐसी पहलें न केवल रोजगार बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में विश्वास, आत्मसम्मान और स्थायी विकास को भी मजबूत करती हैं।


LMV Driver Training सुकमा के पुनर्वासित युवाओं के लिए केवल ड्राइविंग सीखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की नई शुरुआत है। 31 युवाओं को कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, वाहन संचालन और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर दिए जा रहे हैं। यह पहल दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग से जीवन की दिशा बदली जा सकती है। LMV Driver Training भविष्य में भी पुनर्वास और रोजगार सृजन का प्रभावी मॉडल बन सकता है।

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