Lakhpati Gram Yojana के तहत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के माध्यम से दुर्ग जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि विकासखंड पाटन के ग्राम बोरेंदा, धमधा के ग्राम पथरिया (डी) और दुर्ग विकासखंड के ग्राम खपरी (सि) ने “लखपति ग्राम” बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Lakhpati Gram Yojana के तहत तीन गांवों ने बढ़ाया बड़ा कदम
5 जून 2026 को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में तीनों ग्राम पंचायतों ने सर्वसम्मति से “लखपति ग्राम” का प्रस्ताव पारित किया।
ग्राम संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की लखपति महिला पहल के अंतर्गत महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण और विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जिससे उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे अधिक हो सके।
ग्राम सभा की मंजूरी है पहली शर्त
एनआरएलएम की ब्लॉक स्तरीय टीम ने ग्रामीणों को बताया कि किसी भी गांव को लखपति ग्राम घोषित करने के लिए ग्राम सभा की मंजूरी अनिवार्य होती है।
इसके बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा लखपति दीदियों की आय का सत्यापन किया जाता है और आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं।
Lakhpati Gram Yojana में कैसे होता है अंतिम सत्यापन
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य स्तरीय टीम गांव का भौतिक निरीक्षण करती है।
सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद मिलती है मान्यता
यदि गांव निर्धारित सभी मानकों को पूरा करता है, तभी उसे आधिकारिक रूप से “लखपति ग्राम” घोषित किया जाता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और वास्तविक आय सत्यापन पर आधारित है।
स्व-सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की आर्थिक स्थिति
Lakhpati Gram Yojana के अंतर्गत बिहान मिशन से जुड़ी महिलाओं ने कृषि, पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है।
कई महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है, जिससे उनके परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी पड़ा सकारात्मक प्रभाव
महिलाओं की आय बढ़ने से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर सकारात्मक असर पड़ा है। साथ ही ग्रामीण परिवारों में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत हुई है।
बिहान मिशन से ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा
कार्यक्रम में सरपंच, सचिव, ग्राम संगठन के पदाधिकारी, एनआरएलएम के अधिकारी-कर्मचारी, कृषि सखी, पशु सखी, एफएलसीआरपी, आरबीके और बड़ी संख्या में लखपति दीदियां उपस्थित रहीं।
यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सामुदायिक भागीदारी और समावेशी ग्रामीण विकास का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।
दूसरे गांवों के लिए प्रेरणा बनेगी यह सफलता
बोरेंदा, पथरिया (डी) और खपरी (सि) की उपलब्धि यह साबित करती है कि सामूहिक प्रयास, उचित मार्गदर्शन और बेहतर आजीविका अवसरों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त कर सकती हैं।
यह मॉडल जिले के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है और अधिक महिलाओं को स्वरोजगार तथा उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Lakhpati Gram Yojana के माध्यम से दुर्ग जिले के तीन गांवों ने महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। स्व-सहायता समूहों, बिहान मिशन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। यह पहल न केवल महिलाओं की आय बढ़ाने में सफल रही है, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए एक स्थायी और प्रेरणादायक मॉडल के रूप में भी उभर रही है।
