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GeM Sustainable Procurement Award से छत्तीसगढ़ सम्मानित

GeM Sustainable Procurement Award से छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि मिली है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राज्य को यह सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ को यह सम्मान ‘Premier Awards – State Government Felicitation’ श्रेणी में मिला। राज्य ने GeM के प्रभावी इस्तेमाल के साथ सरकारी खरीद के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है।

GeM के जरिए सरकारी खरीद को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार जोर दे रही है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक GeM की शुरुआत 9 अगस्त 2016 को हुई थी।

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सरकारी खरीदी में बड़ा उछाल

छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से सरकारी खरीद में पिछले वित्त वर्ष के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार सरकारी खरीदी दोगुनी होकर 3,935 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

GeM के माध्यम से खरीद में करीब 113 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे सरकारी विभागों को प्रतिस्पर्धी दरों पर सामान और सेवाएं प्राप्त करने में मदद मिली।

यह वृद्धि राज्य में सरकारी खरीद प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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GeM Sustainable Procurement Award के पीछे 130 करोड़ की बचत

छत्तीसगढ़ सरकार के विभागों ने वित्त वर्ष 2025-26 में GeM पर पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए करीब 130 करोड़ रुपये की बचत की।

यह बचत अनुमानित खरीद लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक कीमत के अंतर से हुई। यानी सरकारी विभागों को कई मामलों में अपेक्षित लागत की तुलना में बेहतर बाजार दर पर खरीद करने में सफलता मिली।

प्रतिस्पर्धी बोली की व्यवस्था में अलग-अलग विक्रेता अपनी कीमत और शर्तों के साथ भाग लेते हैं। इससे खरीद प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और सरकारी धन के बेहतर इस्तेमाल की संभावना बनती है।

तीन साल में 235 करोड़ रुपये की बचत

छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि GeM के जरिए प्रतिस्पर्धी खरीद से केवल एक साल में ही बड़ी बचत नहीं हुई है।

पिछले तीन वित्तीय वर्षों में राज्य सरकार ने कुल 235 करोड़ रुपये की बचत की है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 की 130 करोड़ रुपये की बचत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस तरह GeM का उपयोग राज्य के लिए केवल खरीदारी का डिजिटल माध्यम नहीं, बल्कि लागत कम करने और खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने वाला प्लेटफॉर्म भी साबित हो रहा है।

MSME को मिले 1,800 करोड़ रुपये के ऑर्डर

GeM पर बढ़ती सरकारी खरीद का लाभ सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों यानी MSME को भी मिला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में MSME को करीब 1,800 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले।

इससे छोटे कारोबारियों और स्थानीय उद्यमों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच का दायरा बढ़ा है। डिजिटल खरीद व्यवस्था के जरिए छोटे विक्रेताओं को सरकारी विभागों के साथ कारोबार करने का अवसर मिल रहा है।

GeM के राष्ट्रीय स्तर के आंकड़े भी सार्वजनिक खरीद में MSE भागीदारी बढ़ने की ओर संकेत करते हैं। जून 2026 की PIB जानकारी के अनुसार GeM पर पंजीकृत इकाइयों की संख्या 11.9 लाख तक पहुंच गई थी।

GeM Sustainable Procurement Award का महत्व

GeM Sustainable Procurement Award छत्तीसगढ़ के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और डिजिटल व्यवस्था के इस्तेमाल को मान्यता देता है।

सरकारी खरीद में बड़ी राशि खर्च होती है। ऐसे में प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए लागत कम करना सीधे तौर पर सार्वजनिक धन के बेहतर उपयोग से जुड़ा है।

राज्य के लिए यह सम्मान सरकारी विभागों में GeM के अधिक प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों की भागीदारी बढ़ाने का अवसर भी देता है।

पारदर्शी खरीद से बढ़ा भरोसा

GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सरकारी खरीद को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और कुशल बनाना है। खरीद प्रक्रिया ऑनलाइन होने से विक्रेताओं और सरकारी खरीदारों के बीच प्रक्रिया को एक समान डिजिटल प्रणाली में लाने में मदद मिलती है।

छत्तीसगढ़ में 2025-26 के दौरान 130 करोड़ रुपये की बचत और पिछले तीन वर्षों में 235 करोड़ रुपये की कुल बचत इस मॉडल के आर्थिक प्रभाव को दिखाती है।

साथ ही, MSME को मिले 1,800 करोड़ रुपये के ऑर्डर यह संकेत देते हैं कि सरकारी बाजार में छोटे उद्यमों की भागीदारी को भी बढ़ावा मिल रहा है।

GeM Sustainable Procurement Award छत्तीसगढ़ के लिए सरकारी खरीद में डिजिटल व्यवस्था, प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की बड़ी उपलब्धि है। GeM के जरिए 2025-26 में 130 करोड़ रुपये की बचत, तीन वर्षों में 235 करोड़ रुपये की बचत और MSME को 1,800 करोड़ रुपये के ऑर्डर राज्य की खरीद व्यवस्था के बढ़ते प्रभाव को दर्शाते हैं। यह सम्मान भविष्य में सरकारी खरीद को और अधिक पारदर्शी तथा लागत-कुशल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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