Gariaband जिले से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छुरा तहसील के हल्का नंबर 28 में पदस्थ पटवारी खेमराज साहू का रिश्वत लेने का ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर के आदेश पर पटवारी खेमराज साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही राजस्व निरीक्षक (RI) और तहसीलदार को भी नोटिस जारी किया गया है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और परत उघाड़ता है।
पटवारी ने किसान से मांगी थी 10 हजार की रिश्वत
Gariaband के छुरा तहसील का यह वायरल वीडियो करीब 10 दिन पुराना बताया जा रहा है।
इस वीडियो में कियुटिझर गांव के एक किसान से नक्शा काटने (बटांकन) के एवज में 10,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई थी।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किसान पटवारी को 5,000 रुपए देता नजर आ रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिले में हड़कंप मच गया।
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बीयर की मांग वाला ऑडियो – Gariaband का शर्मनाक खुलासा
Gariaband के इस मामले में सिर्फ वीडियो ही नहीं, बल्कि एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई जिसने सबको चौंका दिया।
इस ऑडियो में पटवारी खेमराज साहू किसान से बटांकन के लिए मौके पर पहुंचने से पहले ठंडी बीयर का इंतजाम करने की मांग करता सुनाई देता है।
पटवारी ने कड़कड़ाती धूप का हवाला देते हुए यह मांग रखी। यह ऑडियो न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह साफ दिखाता है कि किस तरह सरकारी कर्मचारी किसानों का शोषण करते हैं।
क्या पैसा ऊपर के अधिकारियों तक भी जाता था?
वायरल वीडियो में पटवारी खेमराज साहू यह भी कहते सुनाई देता है कि यह पैसा ऊपर के अधिकारियों – यानी RI और तहसीलदार – तक भी जाता है।
यह बयान अगर सच है, तो यह मामला सिर्फ एक पटवारी का नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की मिलीभगत का संकेत देता है।
इसीलिए प्रशासन ने पटवारी के साथ-साथ RI और तहसीलदार को भी नोटिस जारी किया है।
Gariaband प्रशासन की त्वरित कार्रवाई – पटवारी निलंबित
Gariaband जिला प्रशासन ने वीडियो वायरल होने के बाद देरी न करते हुए तत्काल कार्रवाई की।
कलेक्टर के आदेश पर छुरा तहसील के हल्का नंबर 28 के पटवारी खेमराज साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रशासन भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है।
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RI और तहसीलदार को भी नोटिस – क्या होगी आगे की कार्रवाई?
Gariaband प्रशासन ने इस मामले में सिर्फ पटवारी पर ही कार्रवाई नहीं की है। राजस्व निरीक्षक (RI) और तहसीलदार को भी आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है।
दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने की पुष्टि
Gariaband के अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि कलेक्टर के आदेश पर पटवारी खेमराज साहू को निलंबित किया गया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि RI और तहसीलदार का जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर उनके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह बयान प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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छत्तीसगढ़ में पटवारी भ्रष्टाचार – एक बड़ी समस्या
Gariaband का यह मामला अकेला नहीं है। छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों से रिश्वत लेने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं।
किसान जब भी नक्शा, खसरा, बटांकन या नामांतरण जैसे राजस्व कार्यों के लिए आते हैं, तो उन्हें अक्सर अनधिकृत मांगों का सामना करना पड़ता है।
सोशल मीडिया ने इस तरह के मामलों को सामने लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। वायरल वीडियो और ऑडियो अब सबसे प्रभावी हथियार बन गए हैं जो भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करते हैं।
Gariaband जिले का यह पटवारी रिश्वत कांड एक बार फिर छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की कड़वी सच्चाई उजागर करता है। पटवारी खेमराज साहू का वायरल वीडियो और बीयर मांगने वाला ऑडियो यह साबित करता है कि किसानों का शोषण किस हद तक हो रहा है।
Gariaband प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करके यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन जब तक RI और तहसीलदार जैसे ऊपरी अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह समस्या जड़ से खत्म नहीं होगी। जनता को चाहिए कि वे ऐसे मामले सोशल मीडिया पर उजागर करते रहें और प्रशासन पर दबाव बनाए रखें।
