CBSE OnMark Vulnerability: सुरक्षा खामियों पर CBSE का बड़ा बयान, छात्र डेटा को लेकर उठे सवाल

CBSE OnMark Vulnerability एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली OnMark में कथित सुरक्षा खामियों को लेकर सार्वजनिक रूप से उठे सवालों के बाद बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी किया है। बोर्ड का कहना है कि पहचानी गई कमजोरियों को नियंत्रित कर लिया गया है और अन्य संभावित खामियों की भी जांच की जा रही है।

इस पूरे मामले ने छात्र डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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CBSE OnMark Vulnerability क्या है?

CBSE OnMark Vulnerability उस कथित साइबर सुरक्षा खामी को कहा जा रहा है, जिसे एक युवा एथिकल हैकर ने सार्वजनिक रूप से उजागर किया। दावा किया गया कि CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में ऐसी कमजोरियां मौजूद थीं, जिनके जरिए संवेदनशील डेटा तक पहुंच संभव हो सकती थी।

रिपोर्ट के अनुसार, इन खामियों में छात्र उत्तर पुस्तिकाओं, मूल्यांकन रिकॉर्ड और अन्य संवेदनशील सूचनाओं से जुड़ी सुरक्षा चिंताएं शामिल थीं।

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CBSE ने क्या कहा?

Central Board of Secondary Education ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि OnMark पोर्टल से संबंधित सुरक्षा कमजोरियों की लगातार निगरानी की जा रही थी।

बोर्ड के अनुसार, विभिन्न सरकारी संस्थानों और IIT विशेषज्ञों की साइबर सुरक्षा टीमों को सिस्टम को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए लगाया गया है। CBSE ने यह भी कहा कि पहचानी गई कमजोरियों को नियंत्रित कर लिया गया है और अन्य संभावित खतरों की जांच जारी है।


CBSE OnMark Vulnerability में एथिकल हैकर के दावे

19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने फरवरी 2026 में पहली बार CBSE को सुरक्षा खामियों की जानकारी दी थी।

उनके अनुसार, कुछ कमजोरियां बाद में भी सक्रिय थीं, लेकिन उनके ईमेल का जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सिस्टम में उपयोग किए जा रहे पासवर्ड अपेक्षाकृत कमजोर थे।

प्रिंसिपल डैशबोर्ड तक पहुंच का दावा

हैकर ने दावा किया कि वह On-Screen Marking प्लेटफॉर्म के प्रिंसिपल डैशबोर्ड तक पहुंचने में सफल रहे। उनके अनुसार, वहां बड़ी मात्रा में छात्र संबंधी डेटा उपलब्ध था।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और CBSE ने कहा है कि सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जा रहा है।


छात्र डेटा सुरक्षा पर क्यों बढ़ी चिंता?

CBSE OnMark Vulnerability विवाद के बाद सबसे बड़ा सवाल छात्र डेटा की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्लेटफॉर्म में यदि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाए तो संवेदनशील शैक्षणिक रिकॉर्ड जोखिम में पड़ सकते हैं।

भारत में शिक्षा क्षेत्र तेजी से डिजिटल हो रहा है, इसलिए साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि छात्रों के अधिकारों और गोपनीयता से जुड़ा विषय बन गया है।


तकनीकी कंपनी और डेटा प्राइवेसी पर सवाल

हैकर ने आरोप लगाया कि CBSE के तकनीकी सेवा प्रदाता द्वारा कुछ डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं में सुरक्षा संबंधी कमियां थीं।

उन्होंने दावा किया कि कुछ डेटा क्लाउड प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त प्रमाणीकरण के बिना उपलब्ध था। साथ ही संवेदनशील जानकारी के प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए गए।

डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) का मुद्दा

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी देश के नागरिकों का संवेदनशील डेटा विदेशी सर्वरों या बाहरी प्रणालियों में संसाधित होता है, तो डेटा संप्रभुता और गोपनीयता के प्रश्न सामने आते हैं।

यही कारण है कि इस मामले में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता कानूनों पर भी चर्चा तेज हो गई है।


CBSE OnMark Vulnerability का छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव

यह मामला केवल एक तकनीकी खामी तक सीमित नहीं है। इससे देशभर के लाखों छात्रों, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के बीच डेटा सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में डिजिटल मूल्यांकन प्रणालियों के लिए और अधिक मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित करना आवश्यक होगा।

आगे क्या हो सकता है?

  • साइबर सुरक्षा ऑडिट को और मजबूत किया जा सकता है।
  • शिक्षा पोर्टलों पर नियमित Vulnerability Assessment कराया जा सकता है।
  • छात्र डेटा सुरक्षा के लिए अतिरिक्त एन्क्रिप्शन और निगरानी तंत्र लागू किए जा सकते हैं।
  • डेटा गोपनीयता मानकों को और कड़ा किया जा सकता है।

CBSE OnMark Vulnerability ने देश की डिजिटल शिक्षा व्यवस्था में साइबर सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर कर दिया है। CBSE ने सुरक्षा खामियों को नियंत्रित करने का दावा किया है, जबकि एथिकल हैकर द्वारा लगाए गए आरोपों ने डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आने वाले समय में यह मामला शिक्षा क्षेत्र में मजबूत साइबर सुरक्षा नीतियों और डेटा संरक्षण उपायों की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट करेगा। CBSE OnMark Vulnerability से जुड़ी जांच और सुधारात्मक कदमों पर अब पूरे देश की नजर बनी हुई है।

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