जलस्तर में गिरावट, विधायक वोरा ने ठहराया निगम व सिंचाई विभाग को जिम्मेदार

Alok 18 2

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। निगम क्षेत्र के अंतर्गत 24 तालाबों का जलस्तर निरंतर कम होता जा रहा है तालाबों के आसपास रहने वाले आमजनता के समक्ष निस्तारी की समस्या उत्पन्न होना प्रारंभ हो गया है। पेयजल के लिए शिवनाथ नदी व शहर की आधी आबादी निस्तारी के लिए तालाबों पर निर्भर है। इन सभी स्त्रोतों में हो रही जल स्तर की गिरावट पर विधायक अरूण वोरा ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने इस स्थिति के लिए निगम प्रशासन व जल संसाधन विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

PicsArt 04 04 06.30.09

विधायक वोरा ने बताया कि नदी में 12 फीट पानी इंटकवेल के आसपास रहना चाहिए किन्तु वर्तमान में पानी लेबल डाउन प्रतिदिन होता जा रहा है। वही दूसरी तरफ कैलाश नगर, शक्तिनगर, बोरसी, पोटिया, दीपक नगर, कातुलबोर्ड के तालाबों में भी गदंगी का आलम होने तथा अधिकांश स्थानों पर नहरों में कचरा जाम व टूट-फूट को सुधारा नहीं गया है। ग्रीष्मऋतु को देखते हुए नगर निगम द्वारा सिंचाई विभाग से पानी की डिमांड नहीं की गई है जिससे आने वाले दिनों में जनमानस को पानी की संकट निर्मित हो सकता है। खरखरा बांध से नदी में तथा तालाबों में पानी तांदुला से छोड़ा जाता है जिसकी अब तक शुरुवात नहीं हो पाई है। विधायक अरुण वोरा ने सिंचाई विभाग के अधिकारी से पूछताछ की तो पता चला कि निगम के द्वारा डिमांड ना आने पर छोड़ा नहीं गया  है जो कि चिंता का विषय है। जबकि नदी में पेयजल हेतु 10 दिन का पानी शेष है साथ ही पानी की बर्बादी को रोकने के लिए लिकेज नहर की मरम्मत व मॉनिटरिंग कर तालाबों में पानी पहुंचाने के कार्य जल्द प्रारंभ किया जाए। सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता बीजी तिवारी को अविलंब पानी छोडऩे कहा गया तथा तालाबों की समस्याओं से निगम के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।