CM Sai मंगलवार को रायपुर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय माहौल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से मुलाकात कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
तीज मिलन समारोह में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की महिलाओं और उनके परिवारों के सुख, समृद्धि तथा स्वस्थ जीवन की कामना की।
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CM Sai ने मातृशक्ति के सम्मान पर दिया जोर
CM Sai ने कहा कि तीज का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा है। उनके अनुसार ऐसे पर्व परिवार और समाज को जोड़ने तथा आपसी प्रेम को मजबूत करने का माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय परंपरा में महिलाओं के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मां परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। उनके मुताबिक मजबूत परिवार से सशक्त समाज और समृद्ध प्रदेश का निर्माण होता है।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी मानकर काम कर रही है।
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महतारी वंदन योजना का भी हुआ उल्लेख
समारोह में CM Sai ने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए इसके लाभार्थियों और भुगतान का आंकड़ा साझा किया। अगस्त 2026 में योजना की 31वीं किस्त जारी किए जाने की जानकारी सरकारी और समाचार रिपोर्टों में भी सामने आई थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं।
राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग के पूर्व प्रकाशित आंकड़ों में भी महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई है।

13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने महिला आर्थिक सशक्तिकरण के दूसरे पहलू के रूप में लखपति दीदी अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
हाल की रिपोर्टों में भी मुख्यमंत्री के हवाले से यही आंकड़ा सामने आया है। इनमें महिलाओं के स्व-सहायता समूहों, स्वरोजगार और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्थायी आजीविका, कौशल और स्वरोजगार से जोड़ना महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके अनुसार महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी परिवार की आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है।
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CM Sai ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर भी की बात
CM Sai ने छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक विरासत को प्रदेश की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी और देश-दुनिया तक पहुंचाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित फिल्म सिटी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए अवसर तैयार हो सकते हैं तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने लोक कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कलाकार छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और संस्कृति को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विकास और जनकल्याण पर मुख्यमंत्री का संदेश
समारोह में मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली, पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी साझा की।
मुख्यमंत्री के अनुसार छत्तीसगढ़ में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति दी गई है और आवास निर्माण का काम जारी है। उन्होंने गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को सरकार की प्राथमिकता बताया।
राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग की आधिकारिक सामग्री में भी आवास और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने किया अभिनंदन
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि तीज के अवसर पर माताओं-बहनों का अपने निवास पर स्वागत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और विशेष बनाया।
मंत्री ने अपने जीवन के शुरुआती दिनों और गांव में बिजली तथा सड़क जैसी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने वर्तमान में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में हो रहे कार्यों की बात भी कही।
समारोह के दौरान टंकराम वर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर माताओं-बहनों का अभिनंदन किया। इससे कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति और तीज पर्व का रंग और गहरा हुआ।
कलाकारों का सम्मान, भगवान गणेश की पूजा
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री के निवास पर विराजित भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
समारोह में छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, कलाकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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रायपुर के तीज मिलन समारोह में CM Sai ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के साथ महिला सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को प्रमुखता से रेखांकित किया। महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम में लोकगीत, कलाकार सम्मान और भगवान गणेश की पूजा ने तीज मिलन को सांस्कृतिक रंग भी दिया।
