Chhattisgarh Urea Distribution को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए बड़ा निर्णय लिया है। किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूरिया वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही पहले लागू 80 प्रतिशत वितरण सीमा को समाप्त कर दिया गया है, जिससे किसानों को खेती के दौरान उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यह फैसला खरीफ फसलों की समय पर बुवाई और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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Chhattisgarh Urea Distribution से किसानों को क्या मिलेगा लाभ?
नई Chhattisgarh Urea Distribution व्यवस्था के तहत यदि किसी किसान ने खरीफ 2025 के दौरान जितनी मात्रा में यूरिया प्राप्त किया था, उसे खरीफ 2026 में भी उतनी ही मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी।
यदि किसी सहकारी समिति में किसी समय यूरिया का स्टॉक कम होने के कारण पूरी पात्रता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो स्टॉक आते ही शेष मात्रा किसानों को दी जाएगी।
इस व्यवस्था से किसानों को उर्वरक की कमी और अनिश्चितता से राहत मिलने की उम्मीद है।
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Chhattisgarh Urea Distribution की समीक्षा करने पहुंचे कलेक्टर रोहित व्यास
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने दुलदुला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि ऋण वितरण और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने किसानों से भी सीधे संवाद किया और खेती की तैयारियों, उर्वरक उपलब्धता तथा कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी ली।
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नैनो यूरिया और नैनो डीएपी अपनाने की अपील
Chhattisgarh Urea Distribution व्यवस्था के साथ-साथ कलेक्टर रोहित व्यास ने किसानों से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि इन आधुनिक उर्वरकों के उपयोग से—
- फसलों को संतुलित पोषण मिलता है।
- खेती की लागत कम होती है।
- भूमि की उर्वरता लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
- उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलती है।
उन्होंने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की भी सलाह दी।
### सहकारी समितियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों को खाद और बीज की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।
साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को—
- समय पर यूरिया उपलब्ध हो।
- गुणवत्तापूर्ण बीज मिलें।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से कृषि ऋण समय पर वितरित किया जाए।
- किसी भी किसान को कृषि संसाधनों के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को समय पर सभी आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन में समय पर खाद और बीज उपलब्ध होने से खेती की लागत और उत्पादन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
नई Chhattisgarh Urea Distribution व्यवस्था से किसानों को समय पर उर्वरक मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे बुवाई कार्य प्रभावित नहीं होगा और फसलों की उत्पादकता में सुधार आ सकता है।
Chhattisgarh Urea Distribution में किया गया यह बदलाव खरीफ 2026 के दौरान किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 80 प्रतिशत वितरण सीमा हटने और पिछले वर्ष के बराबर यूरिया उपलब्ध कराने के फैसले से किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नैनो यूरिया और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की पहल कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों की आय में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
