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INS Trikand Anti Piracy: अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना ने व्यापारी जहाज को लुटेरों से बचाया

INS Trikand Anti Piracy अभियान के तहत भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी त्वरित कार्रवाई से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की है। अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में समुद्री लुटेरों द्वारा व्यापारी जहाज MV Golden Arsenal को निशाना बनाए जाने की सूचना मिलते ही युद्धपोत INS त्रिकंड को तत्काल रवाना किया गया। नौसेना की तेज कार्रवाई के चलते समुद्री लुटेरे मौके से भाग निकले और जहाज तथा उसके चालक दल को सुरक्षित बचा लिया गया। जहाज पर एक भारतीय नागरिक भी चालक दल का सदस्य था।

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INS Trikand Anti Piracy अभियान में क्या हुआ?

INS Trikand Anti Piracy अभियान के दौरान जब MV Golden Arsenal पर संदिग्ध समुद्री लुटेरों ने हमला किया, तब जहाज के चालक दल ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुरक्षित स्थान (Safe Citadel) में शरण ली और आपातकालीन संचार चैनल के माध्यम से सहायता का संदेश भेजा।

भारतीय नौसेना, जो इस क्षेत्र में पहले से ही एंटी-पायरेसी मिशन चला रही है, ने संकट संदेश मिलते ही युद्धपोत INS त्रिकंड को मौके पर भेजा।

युद्धपोत के पहुंचते ही संदिग्ध समुद्री लुटेरे जहाज छोड़कर भाग गए।

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MARCOS ने जहाज की पूरी तलाशी ली

INS Trikand Anti Piracy ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना के विशेष कमांडो MARCOS (Marine Commandos) ने व्यापारी जहाज पर चढ़कर विस्तृत तलाशी अभियान चलाया।

इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि जहाज पर कोई हथियारबंद घुसपैठिया मौजूद न हो। पूरी जांच के बाद चालक दल के सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।

सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद MV Golden Arsenal को उसके निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।


पहले भी कई बार सफल रहा INS Trikand Anti Piracy मिशन

यह पहली बार नहीं है जब INS Trikand Anti Piracy अभियान ने समुद्री लुटेरों की कोशिश को नाकाम किया हो।

19 जून 2026 को भी इसी युद्धपोत ने पश्चिमी हिंद महासागर में MV Fareeda 5 से मिले संकट संदेश पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संभावित समुद्री डकैती की घटना को टाल दिया था।

इसके अलावा 27 मई 2026 को भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Kolkata ने भी MV Mashallah 1 के पास संदिग्ध समुद्री डकैती की कोशिश को विफल किया था।

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भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा में बढ़ती भूमिका

भारतीय नौसेना ने कहा है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में Preferred Security Partner और First Responder की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नौसेना लगातार व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती की रोकथाम और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए निगरानी अभियान चला रही है।

अदन की खाड़ी और पश्चिमी हिंद महासागर विश्व व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग हैं, जहां भारतीय नौसेना की सक्रिय तैनाती वैश्विक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


समुद्री व्यापार के लिए राहत की खबर

समुद्री डकैती की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक शिपिंग उद्योग के लिए बड़ी चुनौती मानी जाती हैं।

ऐसे में INS Trikand Anti Piracy जैसे अभियान न केवल भारतीय जहाजों बल्कि विभिन्न देशों के व्यापारी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।


INS Trikand Anti Piracy अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय नौसेना समुद्री सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क और सक्षम है। अदन की खाड़ी में MV Golden Arsenal को सुरक्षित बचाकर नौसेना ने न केवल चालक दल की जान बचाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। लगातार सफल हो रहे INS Trikand Anti Piracy अभियानों से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक और सुरक्षा भूमिका और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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