Chhattisgarh UCC Committee के गठन के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने यूसीसी के अध्ययन, सुझाव और प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 25 जून को इसका आधिकारिक आदेश जारी किया।
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Chhattisgarh UCC Committee का गठन, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश होंगी अध्यक्ष
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को Chhattisgarh UCC Committee का अध्यक्ष बनाया गया है।
समिति के अन्य सदस्यों में—
- शत्रुघ्न सिंह
- एम.के. राउत
- मोहन पवार
- ज्योति रानी सिंह (महिला सदस्य)
को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर समिति के गठन की जानकारी साझा की।
Chhattisgarh UCC Committee किन विषयों का करेगी अध्ययन?
समिति का मुख्य उद्देश्य राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करना है।
इसके तहत निम्न विषयों की समीक्षा की जाएगी—
- विवाह संबंधी कानून
- तलाक के प्रावधान
- भरण-पोषण
- उत्तराधिकार
- दत्तक ग्रहण
- अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानून
समिति यह भी देखेगी कि सभी समुदायों और वर्गों के हितों की रक्षा करते हुए किस प्रकार संतुलित और व्यवहारिक कानून तैयार किया जा सकता है।
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जनता और विशेषज्ञों से लिए जाएंगे सुझाव
Chhattisgarh UCC Committee केवल कानूनी अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगी।
सरकार ने समिति को निर्देश दिया है कि वह—
- आम नागरिकों से सुझाव ले,
- सामाजिक संगठनों से चर्चा करे,
- विधि विशेषज्ञों से राय प्राप्त करे,
- अन्य संबंधित हितधारकों के विचार भी शामिल करे।
साथ ही उन राज्यों की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया जाएगा, जहां समान नागरिक संहिता लागू है या इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा चुकी है।
रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी सरकार
समिति अध्ययन पूरा करने के बाद समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करेगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार को आवश्यक विधायी और प्रशासनिक अनुशंसाएं भी सौंपी जाएंगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञ इस कदम को छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण नीति निर्णय मान रहे हैं।
अब तक किन राज्यों में लागू है UCC?
देश में उत्तराखंड पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की।
इसके अलावा—
- गुजरात ने मार्च 2026 में यूसीसी विधेयक पारित किया।
- असम ने मई 2026 में यूसीसी विधेयक पारित किया।
वहीं गोवा में आजादी से पहले से ही पुर्तगाली सिविल कोड लागू है, जिसे अक्सर यूसीसी के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार यह आधुनिक समान नागरिक संहिता से अलग है क्योंकि इसमें कुछ समुदायों के लिए विशेष प्रावधान और छूट मौजूद हैं।
Chhattisgarh UCC Committee क्यों है महत्वपूर्ण?
विशेषज्ञों का मानना है कि समिति के गठन से सरकार को राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
यदि समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार आगे बढ़ती है तो छत्तीसगढ़ भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है जिन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
निष्कर्ष
Chhattisgarh UCC Committee का गठन छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल माना जा रहा है। समिति विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और अन्य नागरिक कानूनों का व्यापक अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद सरकार सभी पक्षों से विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय करेगी। आने वाले समय में यह रिपोर्ट राज्य की कानूनी व्यवस्था और नीति निर्माण के लिए अहम आधार बन सकती है।
