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Chhattisgarh Police Gallantry Awards में बना रिकॉर्ड

Chhattisgarh Police Gallantry Awards के तहत राज्य पुलिस को इस साल रिकॉर्ड 141 Gallantry Medals मिले हैं। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर घोषित पुलिस पदकों की आधिकारिक सूची के अनुसार, किसी एक राज्य पुलिस या सुरक्षा संगठन के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

इन पुरस्कारों में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में काम करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों की बड़ी संख्या शामिल है। खास तौर पर Basavaraju के खिलाफ हुए अभियान से जुड़े अधिकारियों को भी Gallantry Medal से सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान ऐसे समय में मिला है जब छत्तीसगढ़ में Left Wing Extremism के खिलाफ अभियान लगातार तेज हुआ है और बस्तर के कई इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी तथा अभियान का विस्तार हुआ है।

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Chhattisgarh Police Gallantry Awards में Basavaraju ऑपरेशन का सम्मान

नारायणपुर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशंस) के रूप में तैनात Robinson Guria को उन अधिकारियों में शामिल किया गया है, जिन्हें वीरता पदक मिला है। उन्होंने तत्कालीन नारायणपुर SP Prabhat Kumar के साथ उस अभियान की योजना में भूमिका निभाई थी, जिसमें CPI (Maoist) के शीर्ष नेता Nambala Keshav Rao उर्फ Basavaraju मारा गया था।

21 मई 2025 को अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में Basavaraju समेत 27 माओवादी मारे गए थे। Basavaraju CPI (Maoist) का महासचिव और संगठन का शीर्ष नेता था।

Chhattisgarh Police Gallantry Awards में IPS अधिकारियों का नाम

पुरस्कार पाने वालों की सूची में Robinson Guria के अलावा उनके IPS बैचमेट Smruthik Rajanala और Sandeep Patel भी शामिल हैं। आधिकारिक सूची में Smruthik Rajanala को Additional Superintendent of Police के रूप में Gallantry Medal दिया गया है।

इसके अलावा पूर्व कांकेर SP Indira Kalyan Elesela और पूर्व बस्तर रेंज IG P. Sundarraj को भी नक्सलवाद विरोधी अभियानों में भूमिका के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।

Sundarraj ने बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया। बाद में वह National Investigation Agency (NIA) में तैनात हुए।

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Bastar Fighters को भी बड़ी संख्या में पदक

Chhattisgarh Police के 141 Gallantry Medals में 38 पदक Bastar Fighters के कांस्टेबलों को मिले हैं। Bastar Fighters राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई विशेष फोर्स है, जिसका उद्देश्य बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जिला रिजर्व गार्ड की ऑपरेशनल क्षमता और क्षेत्र प्रभुत्व अभियान को मजबूत करना है।

इन जवानों को स्थानीय इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों और जंगलों की बेहतर जानकारी का लाभ मिलता है। इसलिए बस्तर में एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

देशभर में 301 Gallantry Medals

स्वतंत्रता दिवस 2026 के लिए पुलिस सेवा में कुल 301 Gallantry Medals दिए गए हैं। इनमें Chhattisgarh Police के 141 पदक सबसे बड़ा हिस्सा हैं। आधिकारिक Force-wise और State-wise सूची में पुलिस सेवा के लिए 272 Gallantry Medals और Fire Services के लिए 29 पदक दर्ज हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार, कुल Gallantry Awards में 197 पुरस्कार Left Wing Extremism प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों को दिए गए। इसके अलावा 51 पुरस्कार जम्मू-कश्मीर, 12 नॉर्थ-ईस्ट और 41 अन्य क्षेत्रों के कर्मियों को मिले।

Chhattisgarh के बाद Maharashtra Police को 20 और Uttar Pradesh Police को 12 Gallantry Medals मिले हैं। Jammu & Kashmir Police के 38 और CRPF के 20 कर्मियों को भी Gallantry Medal से सम्मानित किया गया है।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मिला सम्मान

Chhattisgarh में मिले रिकॉर्ड पदक राज्य में लंबे समय से चल रहे एंटी-नक्सल अभियानों की कठिन परिस्थितियों को भी दर्शाते हैं। बस्तर का घना जंगल, दुर्गम इलाका और IED का खतरा सुरक्षा बलों के सामने बड़ी चुनौतियां रहे हैं।

Basavaraju की मौत को सुरक्षा एजेंसियों ने नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना था। वह तीन दशक से अधिक समय बाद मारा गया पहला CPI (Maoist) महासचिव-स्तर का नेता था।

महाराष्ट्र के IPS अधिकारी भी सम्मानित

महाराष्ट्र कैडर के IPS अधिकारी Yatish Deshmukh, जो गढ़चिरौली में Additional SP (Operations) रहे, को भी Gallantry Medal मिला है। आधिकारिक सूची में उनका नाम महाराष्ट्र के Gallantry awardees में दर्ज है।

गढ़चिरौली लंबे समय तक महाराष्ट्र में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख क्षेत्र रहा है। वहां Deshmukh ने कई एंटी-नक्सल अभियानों में भूमिका निभाई।

Chhattisgarh Police के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?

पिछले साल Chhattisgarh Police को 24 Gallantry Medals मिले थे। इस बार 141 पदक मिलना संख्या में बहुत बड़ी वृद्धि है। यह बदलाव बस्तर में सुरक्षा अभियानों की तीव्रता और उनमें शामिल जवानों की भूमिका को रेखांकित करता है।

इन पदकों में अधिकारियों से लेकर कांस्टेबल स्तर तक के कर्मियों का शामिल होना यह बताता है कि एंटी-नक्सल अभियान केवल शीर्ष नेतृत्व का नहीं, बल्कि मैदान में काम कर रही पूरी टीम का सामूहिक प्रयास है।

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Chhattisgarh Police Gallantry Awards में मिले रिकॉर्ड 141 वीरता पदक राज्य के पुलिस बल के लिए बड़ी उपलब्धि हैं। Basavaraju अभियान से जुड़े अधिकारियों से लेकर Bastar Fighters के जवानों तक, इस सूची में बस्तर के कठिन इलाकों में काम करने वाले कई कर्मियों को सम्मान मिला है। देशभर के 301 Gallantry Medals में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है, जो राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका को रेखांकित करती है।

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