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Chhattisgarh Police का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

Chhattisgarh Police ने स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर वीरता पदकों के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से घोषित पदकों में छत्तीसगढ़ पुलिस को 141 वीरता पदक मिले हैं। यह किसी राज्य पुलिस या सुरक्षा संगठन को एक अवसर पर मिले वीरता पदकों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया गया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस की यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल लंबे समय से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चला रहे हैं। पदकों का बड़ा हिस्सा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में किए गए अभियानों और बहादुरी के कार्यों को मान्यता देता है।

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141 वीरता पदकों से बढ़ा गौरव

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस तथा सुधारात्मक सेवाओं से जुड़े कुल 1,057 कर्मियों के लिए वीरता और सेवा पदकों की घोषणा की।

इनमें 301 Medal for Gallantry, 92 President’s Medal for Distinguished Service और 664 Medal for Meritorious Service शामिल हैं।

इन 301 वीरता पदकों में 272 पुलिस कर्मियों और 29 अग्निशमन सेवा कर्मियों को दिए गए हैं। इसी सूची में छत्तीसगढ़ पुलिस का 141 पदकों का आंकड़ा सबसे प्रमुख रहा।

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Chhattisgarh Police की बड़ी उपलब्धि

छत्तीसगढ़ पुलिस को मिले 141 वीरता पदक राज्य के सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। खास तौर पर बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस एवं सुरक्षा बलों के सामने जंगल, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सशस्त्र उग्रवाद जैसी चुनौतियां रही हैं।

ऐसे अभियानों में जवानों के साहस, जोखिम उठाने की क्षमता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को इन सम्मानों के जरिए पहचान मिली है।

कुल 1057 कर्मियों को सम्मान

इस वर्ष की पदक घोषणा में अलग-अलग सेवाओं के कुल 1,057 कर्मियों को सम्मानित किया गया है। इसमें वीरता के साथ-साथ विशिष्ट और सराहनीय सेवा के लिए दिए जाने वाले पदक भी शामिल हैं।

Chhattisgarh Police के लिए 141 वीरता पदकों का आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल सेवा की अवधि या नियमित कार्य के लिए नहीं, बल्कि असाधारण साहस और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए कार्यों की पहचान है।

पदक व्यवस्था में 2023 में बदलाव भी किया गया था। गृह मंत्रालय के अनुसार पुलिस, फायर सर्विस, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस के अलग-अलग वीरता पदकों को मिलाकर एक President’s Medal for Gallantry और एक Medal for Gallantry किया गया था।

J&K Police और CRPF से आगे

इस बार पदकों के आंकड़ों में छत्तीसगढ़ पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को पीछे छोड़ दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस को 38 वीरता पदक, जबकि CRPF को 20 वीरता पदक मिले। इस तुलना में छत्तीसगढ़ पुलिस का 141 का आंकड़ा काफी बड़ा है।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 51, पूर्वोत्तर क्षेत्र के 12 और अन्य क्षेत्रों के 41 कर्मियों को भी वीरता सम्मान मिला है। गृह मंत्रालय की घोषणा में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में किए गए अभियानों को मिले सम्मानों की संख्या उल्लेखनीय रही।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में साहस

छत्तीसगढ़ में लंबे समय से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चल रहे हैं। विशेष रूप से बस्तर संभाग में पुलिस, DRG, STF और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान कठिन जंगल क्षेत्रों में अभियान संचालित करते रहे हैं।

इन अभियानों के दौरान जवानों को घने जंगल, दुर्गम इलाकों और सशस्त्र हमलों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे माहौल में किए गए साहसिक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना बल के मनोबल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Chhattisgarh Police के 141 वीरता पदक इस बात को भी रेखांकित करते हैं कि राज्य में सुरक्षा अभियानों में पुलिस कर्मियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है।

सेवा और बलिदान को सम्मान

वीरता पदक केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले कर्मियों के साहस की औपचारिक मान्यता है। छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए यह सम्मान उन जवानों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देता है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण अभियानों में जिम्मेदारी निभाई।

आधिकारिक पदक प्रक्रिया और नियमों की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

Chhattisgarh Police के नाम 141 वीरता पदकों का रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों के साहस, समर्पण और जोखिम भरे अभियानों में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF जैसी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों से आगे निकलकर हासिल किया गया यह आंकड़ा छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक सम्मान है।

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