Chhattisgarh Housing Board ने पिछले दो वर्षों में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए 7,388 आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री से ₹1,532 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। लंबे समय तक वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के बाद बोर्ड ने यह उपलब्धि हासिल की है। अब राज्य सरकार ने बोर्ड की भूमिका को केवल आवास निर्माण तक सीमित न रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तक विस्तारित करने का फैसला किया है।
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Chhattisgarh Housing Board ने बनाया नया रिकॉर्ड
नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने Chhattisgarh Housing Board का नया लोगो लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि बोर्ड ने बीते दो वर्षों में 7,388 संपत्तियों की सफल बिक्री कर ₹1,532 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई है और इससे बोर्ड की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।
Chhattisgarh Housing Board अब केवल हाउसिंग तक सीमित नहीं रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहले Chhattisgarh Housing Board का मुख्य कार्य केवल आवास निर्माण था, लेकिन अब इसे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बोर्ड सड़क, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और अन्य विकास कार्यों में भी योगदान देगा। इससे राज्य के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
हर परिवार को पक्का घर देने की सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार का सपना अपना पक्का घर होना है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार बनने के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 18 लाख आवासों को मंजूरी दी गई थी।
राज्य में अब तक 10.50 लाख से अधिक गरीब एवं पात्र परिवारों के घर पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए घरों का निर्माण पूरा किया जा रहा है।
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Chhattisgarh Housing Board की नई कार्यप्रणाली
सरकार ने Chhattisgarh Housing Board की कार्यप्रणाली में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
आवास एवं पर्यावरण विभाग के अनुसार अब नई आवासीय परियोजनाएं तभी शुरू की जाएंगी जब पर्याप्त बुकिंग सुनिश्चित हो जाएगी। इससे अनावश्यक निर्माण और वित्तीय जोखिम कम होंगे।
साथ ही वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू कर लंबे समय से लंबित संपत्तियों की बिक्री को भी गति दी गई, जिससे बोर्ड की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई और नई परियोजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध हुए।
Chhattisgarh Housing Board के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
विशेषज्ञों का मानना है कि दो वर्षों में ₹1,532 करोड़ का राजस्व अर्जित करना Chhattisgarh Housing Board के लिए एक बड़ा टर्नअराउंड है।
इससे बोर्ड को नई आवासीय योजनाएं शुरू करने, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और भविष्य की परियोजनाओं में निवेश करने के लिए पर्याप्त वित्तीय मजबूती मिलेगी।
साथ ही राज्य में किफायती आवास और शहरी विकास परियोजनाओं को भी नई रफ्तार मिलने की संभावना है।
भविष्य में राज्य के विकास को मिलेगी नई गति
राज्य सरकार का मानना है कि Chhattisgarh Housing Board का विस्तारित स्वरूप आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शहरी विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
आवास निर्माण के साथ-साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध शहरी विकास पर जोर दिया जाएगा। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
Chhattisgarh Housing Board की ओर से दो वर्षों में 7,388 संपत्तियों की बिक्री कर ₹1,532 करोड़ का राजस्व अर्जित करना राज्य के आवास क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल बोर्ड की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि अब यह संस्था इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। सरकार की किफायती आवास नीति, PMAY के विस्तार और नई कार्यप्रणाली के साथ Chhattisgarh Housing Board आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शहरी विकास का प्रमुख स्तंभ बन सकता है।
