Chamoli Tunnel Accident में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के दो मजदूरों की मौत की खबर से परिवारों और गांवों में शोक की लहर है। 13 अगस्त 2026 की शाम उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुस गया था। हादसे के बाद कई मजदूर सुरंग में फंस गए। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 22 मजदूरों में से 19 को बाहर निकाला गया, जिनमें सात की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि तीन अभी लापता बताए गए हैं।
छत्तीसगढ़ से जुड़े स्थानीय विवरण के अनुसार हादसे में कोंडागांव के छह मजदूर प्रभावित हुए हैं। इनमें दो की मौत, दो घायल और दो के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
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Chamoli Tunnel Accident में छत्तीसगढ़ को बड़ा झटका
हादसे में कोंडागांव जिले के धनसूली निवासी लखेश्वर पोयाम (24) और मड़ानार निवासी भुनेश्वर (25) की मौत की जानकारी दी गई है।
वहीं दहिकोंगा निवासी देवनाथ (22) और धनसूली निवासी चेतन पोयाम के बारे में अब तक जानकारी नहीं मिल सकी है। दोनों की तलाश जारी है।
घायलों में दहिकोंगा निवासी सुनील (20) और सबलपुर निवासी पेनसिंह (33) शामिल बताए गए हैं। दोनों का चमोली जिले में उपचार चल रहा है।
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सुरंग में अचानक घुसा पानी और मलबा
यह हादसा विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे सुरंग के अंदर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा घुस आया।
चमोली के जिलाधिकारी के अनुसार घटना के समय परियोजना स्थल पर 22 लोग काम कर रहे थे। पानी और मलबा करीब 1.8 किलोमीटर अंदर तक पहुंचा और मजदूरों के लिए स्थिति बेहद मुश्किल हो गई।
हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव दल सक्रिय हो गए। NDRF और SDRF समेत विभिन्न एजेंसियों ने सुरंग से मलबा हटाने और पानी निकालने का अभियान शुरू किया।
दो मजदूर घायल, दो अब भी लापता
ताजा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 22 लोगों में से 19 को बाहर निकाल लिया गया था। इनमें सात मजदूरों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि 12 को अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन मजदूरों की तलाश जारी रही।
छत्तीसगढ़ के छह प्रभावित श्रमिकों में से दो की मौत, दो के घायल और दो के लापता होने की जानकारी स्थानीय स्तर पर सामने आई है। इस वजह से कोंडागांव के परिवारों की चिंता लगातार बनी हुई है।
Chamoli Tunnel Accident के बाद CM धामी ने लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को फंसे मजदूरों को जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत कर प्रभावित राज्यों के मजदूरों की स्थिति की जानकारी साझा की। अस्पताल में भर्ती घायलों से भी उन्होंने बात की और उनके उपचार की जानकारी ली।
बारिश बनी रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती
चमोली में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे सुरंग के अंदर पानी का स्तर बढ़ने और मलबा हटाने में बचाव दल को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार बचावकर्मी मशीनों की मदद से मलबा हटाने के साथ पानी निकालने का काम कर रहे थे। तलाशी अभियान में सुरंग के प्रभावित हिस्से के हर क्षेत्र को सावधानी से जांचा जा रहा है।
मृतकों के परिवारों को 4 लाख की सहायता
उत्तराखंड सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों के उपचार और लापता श्रमिकों की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है।
कोंडागांव में हादसे की जानकारी पहुंचने के बाद धनसूली, मड़ानार, दहिकोंगा और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। मृत मजदूरों के परिवारों में मातम है, जबकि लापता मजदूरों के परिजन अब भी उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।
परिवारों को अपनों की वापसी का इंतजार
रोजगार की तलाश में उत्तराखंड पहुंचे इन श्रमिकों के परिवारों के लिए हादसा बेहद दर्दनाक है। परिजन लगातार प्रशासन से संपर्क कर अपने प्रियजनों की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं।
वहीं बचाव दल की कोशिश है कि सुरंग में फंसे या लापता मजदूरों तक जल्द पहुंचा जा सके। लगातार बारिश और सुरंग में जमा पानी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
Chamoli Tunnel Accident ने छत्तीसगढ़ के कोंडागांव के परिवारों को गहरा सदमा दिया है। दो मजदूरों की मौत, दो के घायल होने और दो के लापता होने की जानकारी ने गांवों में चिंता बढ़ा दी है। दूसरी ओर, उत्तराखंड में बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। लापता मजदूरों की सुरक्षित बरामदगी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद में परिजन और ग्रामीण प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
