दारेली गांव में प्रशासन का ऐतिहासिक दौरा

Bijapur District के दारेली गांव में लंबे समय बाद प्रशासनिक गतिविधियां शुरू होने से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है।

नक्सली प्रभाव और भय के कारण दशकों तक विकास से दूर रहा यह गांव अब बदलाव और विश्वास की नई कहानी लिख रहा है।

करीब 40 वर्षों बाद पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे गांव पहुंची और वहां जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

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Bijapur District में पहली बार हुआ जनगणना कार्य

दारेली गांव वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी वंचित रह गया था।

अब पहली बार प्रशासनिक टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों का डेटा दर्ज किया गया।

शासन की योजनाएं पहुंचीं गांव तक

Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएं अब दूरस्थ इलाकों तक पहुंच रही हैं।

वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री Kedar Kashyap के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अमला लगातार सुदूर क्षेत्रों में सक्रिय है।

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प्रशासनिक अधिकारियों का आत्मीय स्वागत

Bijapur District के कलेक्टर Vishwadeep, जिला पंचायत CEO Namrata Choubey और अन्य अधिकारियों ने दारेली गांव का सघन दौरा किया।

अधिकारियों को गांव में देखकर ग्रामीण भावुक हो गए और आत्मीय स्वागत किया।

ग्रामीणों ने जताई खुशी

ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार उन्हें महसूस हुआ कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है।

गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया।


दस्तावेज और योजनाओं पर प्रशासन का फोकस

कलेक्टर ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

इस दौरान जमीन के पट्टे, आधार कार्ड, बैंक खाते और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेजों की समीक्षा की गई।

विशेष शिविर लगाने के निर्देश

कई ग्रामीणों के दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर अधिकारियों को विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने गांव में 100 प्रतिशत दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया है।

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किसान की समस्या का मौके पर समाधान

Bijapur District के दौरे के दौरान एक किसान ने कलेक्टर को अपनी जमीन नामांतरण की समस्या बताई।

किसान ने कहा कि पिता के निधन के बाद लंबे समय से जमीन का नामांतरण नहीं हो पाया है।

मौके पर दिए गए निर्देश

कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नामांतरण प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और वे स्वयं इसकी निगरानी करेंगे।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसान भावुक हो गया और अधिकारियों का आभार जताया।


Bijapur District में विकास योजनाओं को नई गति

कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना बाधा पहुंचे।

बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ

ग्राम पंचायत दारेली के सभी स्कूली बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति दिलाने के निर्देश भी दिए गए।

इससे शिक्षा के क्षेत्र में गांव को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


भय से विश्वास की ओर बढ़ता दारेली गांव

जो दारेली गांव कभी भय, उपेक्षा और सन्नाटे का प्रतीक माना जाता था, अब वहां विकास की नई किरण दिखाई दे रही है।

प्रशासनिक सक्रियता और योजनाओं के प्रभाव से ग्रामीणों में शासन के प्रति भरोसा बढ़ा है।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा गांव

Bijapur District के इस गांव में अब सड़क, शिक्षा, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं के जरिए नई उम्मीदों का माहौल बन रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें भविष्य बेहतर दिखाई देने लगा है।


Bijapur District के दारेली गांव में प्रशासन का यह ऐतिहासिक दौरा विकास और विश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है।

40 वर्षों बाद गांव में पहुंची प्रशासनिक टीम ने न केवल जनगणना कार्य पूरा किया, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कर शासन के प्रति भरोसा भी मजबूत किया।

सरकार की यह पहल नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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