Bhupesh Baghel Hareli Tihar कार्यक्रम इस बार छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी चर्चा का केंद्र रहा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बंगले पर परिवार, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हरेली तिहार मनाया। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी के औजारों और पशुधन की पारंपरिक पूजा की।
हरेली कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, त्योहारों और सरकारी आयोजनों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
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Bhupesh Baghel Hareli Tihar में परिवार के साथ पहुंचे
भूपेश बघेल अपनी पत्नी और बेटी के साथ हरेली तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले औजारों और पशुधन की पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। हरेली के मौके पर पारंपरिक माहौल में पूजा-अर्चना के साथ तिहार मनाया गया।
बघेल ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का पहला तिहार है और इसे किसान तथा आम लोग मिलकर मनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस परंपरा को भी कमजोर कर दिया है।
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Bhupesh Baghel Hareli Tihar पर BJP सरकार को घेरा
बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के त्योहार प्रकृति और खेती-किसानी से जुड़े हैं। उनके मुताबिक हरेली भी इसी पुरानी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार मनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं हजारों साल पुरानी हैं। बघेल ने सरकार पर इन परंपराओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राज्य में महतारी की फोटो नहीं लगाना और विश्व आदिवासी दिवस पर सरकार की ओर से बधाई नहीं देना बदलाव का संकेत है। हालांकि, ये बघेल के राजनीतिक आरोप और उनकी राय हैं।
56 इंच वाले बयान पर बच्चों का जिक्र
कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर चल रहे ‘56 इंच का छोटा बंदर, बाल नरेंद्र’ जैसे पोस्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो काम उनकी पार्टी के लोग नहीं कर पाए, वह बच्चों ने कर दिया।
बघेल ने कहा कि काफी मुश्किल से ‘56 इंच का सीना’ होने की छवि बनाई गई थी, लेकिन बच्चों ने कथित सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उस छवि को बहुत कम समय में प्रभावित कर दिया।
यह बयान उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के संदर्भ में दिया। सोशल मीडिया पोस्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा।
अमित शाह और संसद विवाद पर क्या बोले बघेल
संसद में राहुल गांधी के प्रदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि गृह मंत्री को सदन में आने से कौन रोक सकता है।
बघेल ने कहा कि असली सवाल यह है कि हजारों बच्चों पर गोली चलाने, आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई किसके आदेश पर हुई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इसी मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि ऐसी कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री की ओर से दिया गया था, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उनके ये बयान राजनीतिक आरोपों के तौर पर सामने आए हैं।
छत्तीसगढ़ी परंपरा और हरेली का महत्व
Bhupesh Baghel Hareli Tihar कार्यक्रम में राजनीति के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी प्रमुख रही। हरेली को राज्य के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में माना जाता है। यह खेती-किसानी और प्रकृति से जुड़ा पर्व है।
इस दिन किसान खेती में इस्तेमाल होने वाले औजारों की पूजा करते हैं। कई स्थानों पर पशुधन की भी पूजा की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में हरेली का विशेष सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है।
भूपेश बघेल ने इसी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के त्योहारों की जड़ें प्रकृति, कृषि और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी हैं।
हरेली पर सियासत भी तेज
हरेली तिहार के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री के बयान से छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। बघेल ने एक ही मंच से राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संसद से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे पार्टी के राजनीतिक और सांस्कृतिक आयोजन का रूप भी दिया।
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Bhupesh Baghel Hareli Tihar कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, हरेली की परंपरा और राज्य की राजनीति एक साथ दिखाई दी। भूपेश बघेल ने पूजा-अर्चना के साथ त्योहार मनाया और भाजपा सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट, हरेली की परंपरा और संसद से जुड़े विवादों पर भी अपनी राय रखी। उनके बयानों के बाद इन मुद्दों पर छत्तीसगढ़ की सियासत में चर्चा और तेज होने की संभावना है।
