4thnation

Around 4,000 EVMs Catches Fire: कोलकाता में जली 4000 EVM — साजिश या हादसा? 10 विधानसभा क्षेत्रों की मशीनें राख

कोलकाता | 16 जून 2026: Around 4000 EVMs catches fire — यह चौंकाने वाली खबर उस वक्त सामने आई जब कोलकाता के अलीपुर स्थित एक सरकारी इमारत में भयंकर आग लग गई। इस नौ मंजिला इमारत में दक्षिण 24 परगना जिला परिषद कार्यालय और कई अन्य सरकारी विभाग संचालित होते हैं। आग इतनी भीषण थी कि इमारत की नौवीं मंजिल पर रखी करीब 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) पूरी तरह जलकर राख हो गईं।

📢ताज़ा और बड़ी खबरों के लिए अभी जुड़ें: Join 4thNation WhatsApp Channel

Around 4000 EVMs Catches Fire — क्या हुआ कोलकाता के अलीपुर में?

10 जून 2026 की दोपहर कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित एक नौ मंजिला सरकारी इमारत में अचानक आग भड़क उठी। इस इमारत में दक्षिण 24 परगना जिला परिषद कार्यालय, स्थानीय वन विभाग (DFO) और सर्व शिक्षा अभियान का दफ्तर भी संचालित होता है।

पश्चिम बंगाल के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा कर बताया कि नौवीं मंजिल पर सुरक्षित रखी करीब 4,000 EVM पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में तोड़फोड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़ें: Samastipur National Panchayat Award 2025: मोतीपुर पंचायत को मिलेगा PM मोदी के हाथों ₹50 लाख का गौरव सम्मान

नौ मंजिला इमारत में कैसे लगी आग? रहस्य गहराया

तीसरी-चौथी मंजिल से शुरू, नौवीं तक पहुंची — पांचवीं, छठी, सातवीं मंजिल कैसे सुरक्षित रहीं?

मंत्री कौशिक चौधरी ने बताया कि around 4000 EVMs catches fire की इस घटना में आग सबसे पहले तीसरी और चौथी मंजिल पर शुरू हुई। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि पांचवीं, छठी और सातवीं मंजिलें बिल्कुल सुरक्षित रहीं, जबकि आग आठवीं और नौवीं मंजिल तक पहुंच गई।

मंत्री ने कहा — “यह सामान्य नहीं है। आग कैसे बीच की मंजिलों को छोड़कर ऊपर पहुंची, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि दमकल विभाग को सूचना भी काफी देरी से दी गई, जो संदेह को और गहरा करता है।

📢EVM विवाद की हर अपडेट सबसे पहले पाएं: 4thNation WhatsApp Channel Join करें

किन 10 विधानसभा क्षेत्रों की EVM हुईं नष्ट?

मंत्री के अनुसार, जो EVM जली हैं, वे हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में उपयोग की गई थीं। ये मशीनें कम से कम 10 विधानसभा क्षेत्रों में इस्तेमाल हुई थीं।

प्रभावित विधानसभा क्षेत्र

कसबाजादवपुरबेहाला ईस्टबेहाला वेस्टमेटियाबुरुजसतगाछियाडायमंड हार्बर उपखंडउत्तर 24 परगना (कई क्षेत्र)दक्षिण 24 परगनाकोलकाता

TMC के अनुसार, जली हुई EVM में 4000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 VVPAT शामिल हैं — जो इन चुनाव क्षेत्रों से जुड़ी थीं।

SIT गठन और फोरेंसिक जांच — जल्द खुलेगा राज

अलीपुर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) ने FIR दर्ज कराई है, जिसके आधार पर मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

इसके साथ ही घटनास्थल की फोरेंसिक जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी नियुक्त की गई है। टीम ने नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अधिकारी ने कहा — “रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग आकस्मिक थी या किसी सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा।”

📢SIT जांच की अपडेट सबसे पहले पाएं: Join 4thNation Channel

Around 4000 EVMs Catches Fire — राजनीतिक बवाल

इस घटना ने पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। Around 4,000 EVMs catches fire की खबर सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को कठघरे में खड़ा कर दिया।

TMC का ECI पर सीधा हमला — “लोकतंत्र के साथ खिलवाड़?”

TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट कर लिखा:

“रहस्यमय तरीके से आग में नष्ट हुईं — 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट, 4,000 VVPAT। ECI झूठे बयानों के पीछे हमेशा छुप नहीं सकता। EVM और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के लिए पहले न्यायिक हस्तक्षेप मांगा गया था — फिर ऐसी घटना कैसे हो सकती है? क्या यह महज एक हादसा था… या लोकतंत्र से खिलवाड़ के बाद सबूत मिटाने की सुनियोजित कोशिश?”

पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जब न्यायालय के निर्देश पर EVM और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की जा चुकी थी, तो यह घटना कैसे हो गई? इस सवाल ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

कोलकाता के अलीपुर में around 4000 EVMs catches fire की यह घटना महज एक आग की दुर्घटना नहीं है — यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठता एक गंभीर सवाल है। SIT जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की छानबीन से ही स्पष्ट होगा कि यह हादसा था या षड्यंत्र। जब तक सच सामने नहीं आता, राजनीतिक बवाल थमना मुश्किल है। देश की जनता की नजरें अब जांच एजेंसियों पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *