Skip to main content

4thnation

राज्य में 1.85 लाख जरूरतमंदों को मिल रहा निःशुल्क भोजन, 2, 01, 298 लोगों को मदद एवं निःशुल्क मास्क

Alok 18 2

रायपुर (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर राज्य भर में  करीब एक लाख 85 हजार गरीबों, मजदूरों एवं निराश्रितों को निःशुल्क भोजन का प्रबंध जिलों में स्थानीय प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहयोग से किया जा रहा हैं। कोरोन वायरस के संक्रमण से उत्पन्न लॉकडाउन की वजह से जरूरतमंद गरीबों, मजदूरों एवं निराश्रितों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट को देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा राज्य के सभी जिलों में निःशुल्क भोजन एवं राशन उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। इस कार्य में स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं एवं दानदाता भी अपनी ओर से हरसंभव सहयोग कर रहे हैं।

PicsArt 01 31 10.32.26

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप राज्य के सभी जिलों में गरीबों, मजदूरों, निराश्रितों एवं जरूतमंद लोगों के भोजन एवं आवास का प्रबंध किया गया है। कैम्प में रह रहे लोगों के लिए जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के अलावा दूसरे राज्यों के भी श्रमिक शामिल हैैं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा भोजन, चाय नाश्ता एवं चिकित्सा सुविधा निःशुल्क मुहैया करायी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को राज्य के 28 जिलों में 1 लाख 84 हजार 712 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन का वितरण किया गया। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से अब तक 2 लाख 1 हजार 298 लोगों को आवश्यक मदद एवं मास्क आदि का वितरण किया गया है। रायपुर जिले में सर्वाधिक 1 लाख 3 हजार 606 लोगों को निःशुल्क भोजन एवं राशन प्रदाय किए जाने के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क एवं अन्य सामाग्री का वितरण किया गया है। इसी तरह सुकमा जिले में 4077, राजनांदगांव में 98,893, रायगढ़ में 46,232, बस्तर में 13,648, कांकेर में 2749, बीजापुर में 570, जशपुर में 1720, कोरिया में 4908, सूरजपुर में 5146, बालोद में 13,557, कबीरधाम में 973, बलौदाबाजार में 7900, धमतरी में 5740, दुर्ग में 5530, महासमुंद में 2347, बलरामपुर में 2782, कोरबा में 14,803, सरगुजा में 1122, जांजगीरचांपा में 1052, बिलासपुर में 5395, कोण्डागांव में 2924, दंतेवाड़ा में 17,519, बेमेतरा में 2445, गरियाबंद में 5268, नारायणपुर में 636, मुंगेली में 11, 437 तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1529 जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन, राशन एवं अन्य सहायता उपलब्ध करायी गई हैं।