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भेंट-मुलाकात अभियान, जो बन गया सरकार और जनता के बीच संवेदना की कड़ी, हर पड़ाव के साथ सुलझ रही समस्याएं

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन दिनों एक विशेष अभियान पर हैं। इस अभियान में वे प्रदेश की सभी विधानसभाओं का दौरा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर प्रभाव देखना है। भेंट-मुलाकात की यह अनूठी यात्रा सरकार और जनता के बीच जुड़ाव और विकास की सतत सम्भावनाओं का मेल है। मुख्यमंत्री जहां भी जा रहे हैं, भेंट-मुलाकात में लोगों से उनकी समस्या पूछ रहे, उनका समाधान कर रहे हैं। हर वर्ग के लोगों से किसान, मजदूर, युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सभी से बातचीत करते भेंट-मुलाकात की यात्रा आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री अब तक 7 जिलों की 16 विधानसभाओं का दौरा कर चुके हैं।

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इस यात्रा में मुख्यमंत्री न केवल विधानसभावार सरकारी योजनाओं के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं बल्कि उन जगहों की संस्कृति, परम्परा और आध्यात्मिक पहलुओं को भी दुनिया तक पहुंचाने की कवायद में जुटे हैं। स्थानीयता के आधार पर लोग मुख्यमंत्री का स्वागत पारंपरिक वस्त्रों, विभिन्न पगड़ियों, विशेष उत्पादों को भेंटकर और भोजन में क्षेत्रीय व्यंजन परोस रहे हैं।भेंट-मुलाकात में हर विधानसभा में मुख्यमंत्री स्वयं अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ले रहे हैं। कमियों को दूर करने के निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की भेंट-मुलाकात में ग्रामीण खुलकर अपनी बात कह रहे हैं। भेंट मुलाकात में कई ऐसे उदाहरण सामने आये हैं, जिन पर तत्क्षण मौके पर ही कार्रवाई हुई है। विशेषकर जरूरतमंदों को आर्थिक मदद देने, शासकीय कार्यों में लेट-लतीफी की कमियां दूर करने, शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान पर त्वरित कदम उठाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य ऑन द स्पॉट हो रहे हैं। जनता से सीधे संवाद के इस भेंट-मुलाकात की आज पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। प्रशासनिक कार्यों में कसावट कायम रखने के साथ ही साथ ज़मीनी स्तर पर जरूरतों को समझकर उनके निराकरण की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की इस पहल को पूरे देश में भी सराहना मिल रही है।
अच्छे कार्यों की सराहना तो लापरवाही पर कार्रवाई
भेंट मुलाकात अभियान में जनहित में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मुख्यमंत्री स्वयं जमीनी निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री कमियां होने पर सुधार के निर्देश दे रहे हैं तो अच्छे कार्यों के लिए कर्मचारियों-अधिकारियों की सराहना भी कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर सख्त निर्णय भी ले रहे हैं।योजनाओं की बारीक़ जांच-पड़ताल के बाद दोषी पाए जाने पर मुख्यमंत्री अधिकारियों-कर्मचारियों पर निलंबन की कार्यवाही भी कर रहे हैं। ऐसे कई उदाहारण सामने आए जब जनहित से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई।
समस्या सुनते ही तुरंत निराकरण की अनूठी पहल
भेंट-मुलाकात में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल लोगों की मांग और समस्याओं को बड़े ही उदार भाव से सुनकर उसका तत्काल निराकरण कर रहे है। मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ लोगों को भा रहा है, लोग बेझिझक होकर मुख्यमंत्री से सीधे अपनी समस्या बता रहे हैं। भेंट-मुलाकात के क्रम में मुख्यमंत्री जहां भी जा रहे हैं, वहां स्थानीय उद्यम और नवाचार को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। सभी से मुलाकात करते हुए लगातार वे अच्छे कार्यों की सराहना और उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। अभियान के दौरान उनके द्वारा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की कवायद भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के कायल हुए लोग
ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले जहां मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ने लोगों का दिल जीत लिया। भेंट-मुलाकात अभियान के अलग-अलग गांवों में मुख्यमंत्री जनता से संवाद करते हुए उन्हें सुन रहे हैं। इस दौरान उनके संवेदनशील निर्णयों ने कई जिंदगियां बदली हैं, कहीं दिव्यांग के इलाज के लिए राशि की स्वीकृति दी तो कहीं ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित मरीज के इलाज की जिम्मेदारी उठायी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षा में बाधा को दूर करने के लिए दृष्टिबाधित भाई-बहनों को स्मार्ट फोन व अन्य उपकरण खरीदने के लिए राशि देने की घोषणा कर दी। साथ ही एक नन्ही बच्ची के हाथ-पैर अविकसित होने पर उसके इलाज का पूरा खर्चा उठाने के साथ ही साथ उसके लिए 5 लाख रुपए की एफडी करवाने के भी निर्देश दिए।