प्रकृति के तांडव का सामना करने वाले सभी यात्रियों की हुई घर वापसी, सीएम के प्रति जताया आभार

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दुर्ग (छत्तीसगढ़)। नैनीताल में प्रकृति के कहर का सामना कर चुके दुर्ग भिलाई निवासी सभी 55 यात्रियों की घर वापसी हो गई है। इस बार उनकी स्मृति में पर्यटन स्थल की रमणीयता नहीं वरन आपदा की विभिषका समाई हुई थी। ट्रेन से उतरने पर अपने परिजनों से मिलने पर सभी यात्री भावविभोर हो गए। उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

अपनी यादों को साझा करते हुए यात्रियों ने बताया कि भूस्खलन के बाद का मंजर बहुत डरावना था। लग रहा था साक्षात मौत का सामना हो रहा है। हमारी सहायता के लिए जल्द ही डोगरा बटालियन की टीम मौके पर पहुँची और हमें सुरक्षित निकाला। कुछ किमी हमें पैदल चलना पड़ा। जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बघेल के निर्देश पर पहुंचे अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने हमें ढाढस बंधाया और कहा कि आप सभी आश्वस्त रहें, आपकी वापसी के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पूरी घटना पर नजर रखे हुए हैं और आप सभी की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए हर संभव सहायता करने के निर्देश हमें दिये है।
बता दें मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे पूरे समय लोगों की सहूलियत के संबंध में मानिटरिंग करते रहे। अपर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना कैंचीधाम के एसडीएम के निरंतर संपर्क में रही। यात्रियों को स्कूल और अन्य सुरक्षित रहवासों में पहुँचाया गया और इनके खानपान की व्यवस्था की गई। इसके बाद दिल्ली तक सुबह- सुबह पहुंचाया गया। यात्रियों ने बताया कि दिल्ली तक आने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई।
यात्रियों ने बताया कि हमें किसी तरह की तकलीफ नहीं हुई। छत्तीसगढ़ भवन में पहुंचकर हमें बहुत अच्छा लगा। यात्रियों ने बताया कि हम इस आपदा से जल्दी इसलिए बाहर आ पाये क्योंकि हमारी सरकार ने उत्तराखंड सरकार से उचित समन्वय बनाया। वहां के जिला प्रशासन ने तेजी से रेस्क्यू का कार्य किया। हम इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति बहुत आभारी है। सुबह स्टेशन पर यात्रियों का स्वागत विजेताओं की तरह किया गया। सबकी आँखों में खुशी के आंसू थे।