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धान खरीदी : जरूरत 4 लाख 75 हजार बारदाना गठान की, केंद्र ने भेजे महज 56 हजार, सरकार ने लिखा पत्र

रायपुर (छत्तीसगढ़)। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर बारदाना की कमी का संकट मंडराता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ में एक दिसंबर से धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होगी। इस खरीदी के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है। भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को आपूर्ति की जाने वाली बारदानें में 50 प्रतिशत की कटौती करते हुए केवल एक लाख 43 हजार गठान नये बारदानें की आपूर्ति करने की सूचना जूट कमिश्नर के माध्यम से दी गई है। अब तक राज्य को केवल 56 हजार गठान बारदानें प्राप्त हुए है। राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में किसानों से धान खरीदी के लिए 3 लाख 50 हजार गठान बारदानें उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

भारत सरकार द्वारा बारदानों की आपूर्ति में भारी कटौती करने के कारण राज्य में धान खरीदी प्रभावित न हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 70 हजार एचडीपीई, पीपी के नये बारदानें  जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी करने की कर्रवाई की जा रही है। इसके अलावा पीडीएस सिस्टम में शेष बारदानों से धान खरीदी की व्यवस्था भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत सरकार द्वारा बारदानों की आपूर्ति में कटौती करने के फलस्वरूप धान खरीदी प्रभावित न हो इसके लिए पीडीएस सिस्टम में उपयोग के बाद बचत बारदानों का उपयोग धान खरीदी के लिए करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को पीडीएस के बचत बारदानों को एकत्र कर धान खरीदी के लिए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए है।
बता दें कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में लगभग 95 लाख मैट्रिक टन धान खरीदी होना अनुमानित है। धान उपार्जन के लिए 4 लाख 75 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता संभावित है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए भारत सरकार से 3 लाख 50 हजार गठान बारदाने उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। राज्य सरकार के इस अनुरोध पर भारत सरकार द्वारा 3 लाख गठान बारदानों की आपूर्ति जूट कमिश्नर कोलकोता के माध्यम से करने की सूचना 30 जुलाई 2020 को दी गई थी। भारत सरकार द्वारा नये जूट बारदानों के संबंध में 9 अक्टूबर को संशोधित सूचना प्रेषित कर बताया गया कि छत्तीसगढ़ को दी जाने वाली बारदानों की आपूर्ति में 50 प्रतिशत की कटौती की गई है। छत्तीसगढ़ को केवल एक लाख 43 हजार गठान बारदानों की ही आपूर्ति की जाएगी। भारत सरकार द्वारा एक लाख 43 हजार गठान नये बारदानों की आपूर्ति की सूचना के पश्चात जूट कमिश्नर के माध्यम से अभी तक केवल 56 हजार गठान बारदाने प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा बारदानों की मांग के अनुरूप आपूर्ति में की गई कटौती से धान खरीदी प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य में पीडीएस बारदानों का संकलन एवं मिलर के पुराने बारदानों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही 70 हजार गठान एच.डी.पी.आई., पी.पी. के नये बारदानें जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय करने की कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा की जा रही है।