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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदियां उफान पर, पुलिया धंसी, ट्रैक्टर-पिकअप पलटे, कई गांवों का संपर्क टूटा

रायपुर, 1 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण नदियों-नालों में उफान आ गया है, पुल-पुलियाएं जर्जर होकर धंस रही हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है, वहीं किसानों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कोंडागांव में आफत की बारिश

कोंडागांव जिले में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। पिछले दो दिनों से जारी झमाझम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई ग्रामीण इलाकों में घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। किसान भी अब खेतों की ओर रुख नहीं कर पा रहे हैं और बारिश थमने का इंतजार कर रहे हैं।

बलरामपुर में कनहर नदी उफान पर

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में बहने वाली कनहर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कनहर नदी झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। एनीकेट के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।

फरसगांव में धंसी पुलिया, पलटा मक्का से भरा ट्रैक्टर

फरसगांव के भोंगापाल क्षेत्र में पहली बारिश के साथ ही एक अस्थायी पुलिया का मुरुम धंस गया। इस हादसे में मक्का से भरा एक ट्रैक्टर पलट गया। गनीमत रही कि ड्राइवर ने कूदकर जान बचा ली। ग्रामीणों ने बताया कि यह पुलिया एक साल से टूटी पड़ी थी, और सिर्फ मुरुम डालकर काम चलाया जा रहा था। यह पुलिया ग्रामीणों के राशन, स्कूल और आवागमन का मुख्य मार्ग है। अब उन्होंने जल्द मरम्मत की मांग की है, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।

शंकरगढ़ में पिकअप समेत पुलिया गिरी

शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में भारी बारिश के बाद एक पुरानी पुलिया भरभराकर गिर पड़ी। उसी समय एक पिकअप वाहन, जिसमें बर्तन लोड थे, उस पर से गुजर रहा था। पुलिया टूटने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन चालक और सवार लोग सुरक्षित हैं। इस घटना से बचवार पटना मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

गागर नदी में फंसे तीन बच्चे, रेस्क्यू कर निकाला गया

बलरामपुर के राजपुर थाना क्षेत्र में स्थित गागर नदी में तीन बच्चे मछली पकड़ने के दौरान तेज बहाव में फंस गए। कई घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।


निष्कर्ष

लगातार बारिश ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों, पुलों और जनसुविधाओं की खस्ताहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। अब प्रशासन पर दबाव है कि जर्जर पुलियों की मरम्मत शीघ्र करवाई जाए और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों की तैनाती की जाए। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।