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छत्तीसगढ़ में पीडीएस सिस्टम पर गरमाई सियासत, रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस का तीखा हमला

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के बयान ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस ने उनके बयानों पर जोरदार पलटवार किया है और आरोप लगाया है कि रमन सिंह खुद उस “नान घोटाले” के केंद्र में रहे हैं, जिसने छत्तीसगढ़ की गरीब जनता के हक को छीना।

🔥 कांग्रेस का तीखा हमला

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डॉ. रमन सिंह “मतिभ्रम के शिकार” हो चुके हैं और उन्हें कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रमन सिंह के तीसरे कार्यकाल में 26 लाख फर्जी राशन कार्ड बनवाकर 36,000 करोड़ रुपये का नान घोटाला किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय गरीबों का राशन खुले बाजार में बेचा गया और एक संगठित लूट को अंजाम दिया गया।

शुक्ला ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के समय पारदर्शी पीडीएस व्यवस्था को पूरे देश में सराहा गया था। 81 लाख परिवारों के राशन कार्ड ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों की सामान्य सभा में सूची प्रकाशित कर, दावा-आपत्ति के बाद जारी किए गए थे। लेकिन 2023 में भाजपा सरकार के आने के बाद इन्हें रद्द कर, जनता को दोबारा राशन कार्ड बनवाने के लिए मजबूर किया गया।

🧾 वर्तमान पीडीएस सिस्टम पर सवाल

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार में 30 लाख से ज्यादा परिवार राशन कार्ड और केवाईसी के लिए भटक रहे हैं। साथ ही यह भी दावा किया कि आदिवासी क्षेत्रों में चावल, नमक और चना की आपूर्ति केवल कागजों पर हो रही है, जबकि असल में यह बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों के गोदामों तक पहुंच रहा है।

📣 विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठे सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि डॉ. रमन सिंह का विधानसभा अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक बयान देना संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह पद निष्पक्षता और तटस्थता की मांग करता है, लेकिन डॉ. सिंह अपने बयानों से इस गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।

🗨️ रमन सिंह का दावा – कांग्रेस ने खत्म की पीडीएस की विश्वसनीयता

कुछ दिन पहले पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में रमन सिंह ने कहा था कि भूपेश बघेल सरकार ने पीडीएस सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को खत्म कर दिया था, जिसे अब राज्य खाद्य आयोग के माध्यम से बहाल किया जाएगा। उन्होंने खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संदीप शर्मा की नियुक्ति को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।

🌾 खाद्य मंत्री और संदीप शर्मा का पक्ष

राज्य खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि विभाग पीडीएस की निगरानी के लिए पूरी तरह सजग है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी तरह की शिकायत सीधे आयोग में दर्ज कराएं।

संदीप शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों की चिंता करने वाली सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान का उचित मूल्य मिल रहा है और खाद्य उत्पादन में तेजी आई है।