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IGKV Paper Leak मामले में नया खुलासा

IGKV Paper Leak मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की परीक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल सामने आ रहे हैं। 20 अगस्त को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

अब पुलिस जांच में 7 अगस्त को हुई बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी (पादप रोगविज्ञान) परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक होने का मामला सामने आया है। इसके बाद विश्वविद्यालय ने यह परीक्षा भी निरस्त कर दी है।

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प्लांट पैथोलॉजी का पेपर कैसे हुआ लीक?

पुलिस के अनुसार, प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा 7 अगस्त को आयोजित हुई थी। एंटोमोलॉजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कृषि महाविद्यालय दुर्ग के सहायक प्राध्यापक योगेश सोनकेशरिया से पूछताछ के दौरान दूसरे प्रश्नपत्र के लीक होने की जानकारी सामने आई।

एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, योगेश को विश्वविद्यालय की ओर से अधिकृत पत्र के आधार पर 5 अगस्त को प्रश्नपत्र प्राप्त हुए थे। इन्हें कृषि महाविद्यालय दुर्ग के डीन कार्यालय स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया था।

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IGKV Paper Leak में सीलबंद लिफाफे से छेड़छाड़ का आरोप

आरोप है कि 6 अगस्त की सुबह योगेश ने स्ट्रांग रूम की चाबी लेकर अलमारी से सीलबंद प्रश्नपत्र निकाला और उसे अपने घर ले गया।

पुलिस के अनुसार, वहां सुई, सूजा, एंडोस्कोपिक केबल और मोबाइल फोन की मदद से सीलबंद लिफाफे के साथ छेड़छाड़ कर प्रश्नपत्र की सामग्री एक कॉपी में नोट की गई। इसके बाद लिफाफे को दोबारा सीलबंद कर दिया गया।

IGKV Paper Leak में 10 हजार रुपये में पेपर बेचने का आरोप

एफआईआर के मुताबिक, प्रश्नपत्र की सामग्री हासिल करने के बाद योगेश ने कृषि महाविद्यालय दुर्ग के छात्र मोहम्मद सोमान और अजय नायक को कथित तौर पर 10 हजार रुपये में बेच दिया।

आरोप है कि दोनों छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र की जानकारी मिल गई थी और उन्होंने उसके आधार पर तैयारी की। 7 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे प्रश्नपत्र को दोबारा स्ट्रांग रूम की अलमारी में रखे जाने का भी आरोप है।

तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

इस मामले में 22 अगस्त की रात तेलीबांधा थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई। इसमें योगेश सोनकेशरिया के साथ मोहम्मद सोमान और अजय नायक को आरोपित बनाया गया है।

मामले में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2008 की धाराओं 10, 4 और 5 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच उप निरीक्षक पियुष बघेल कर रहे हैं।

दुर्ग कृषि महाविद्यालय को नोटिस

प्लांट पैथोलॉजी प्रश्नपत्र लीक की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रविवार को अवकाश के दिन कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आपात बैठक की।

परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित नहीं कर पाने को लेकर भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग को नोटिस जारी किया गया है। दोनों परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।

विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सितंबर में दोबारा होंगी निरस्त परीक्षाएं

विश्वविद्यालय ने 20 अगस्त की एंटोमोलॉजी और 7 अगस्त की प्लांट पैथोलॉजी दोनों परीक्षाओं को निरस्त कर दिया है। अब दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।

इसका मतलब है कि संबंधित परीक्षाओं में शामिल विद्यार्थियों को फिर से परीक्षा देनी होगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना प्राथमिकता है।

प्रश्नपत्र वितरण की व्यवस्था बदली

पेपर लीक के बाद विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र वितरण की प्रक्रिया में तत्काल बदलाव किया है। 22 अगस्त से प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड कॉपी में भेजने के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल के जरिए भेजे जा रहे हैं।

सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र सुबह 9:30 बजे संबंधित महाविद्यालय को उपलब्ध कराया गया। 24 अगस्त की परीक्षाएं भी इसी नई व्यवस्था से आयोजित किए जाने की बात कही गई है।

इसके अलावा परीक्षा विभाग और परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा प्रश्नपत्र की सुरक्षा और वितरण में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।

IGKV Paper Leak ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

लगातार दो प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग होने से स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की निगरानी और ऑब्जर्वरों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि सीलबंद प्रश्नपत्र तक पहुंच कैसे बनी और सुरक्षा व्यवस्था की किस कड़ी में चूक हुई।

जांच के प्रमुख सवाल

  • स्ट्रांग रूम की चाबी किसके पास थी?
  • प्रश्नपत्र बाहर ले जाने की अनुमति कैसे मिली?
  • सीलबंद लिफाफे से छेड़छाड़ का पता समय पर क्यों नहीं चला?
  • दोनों पेपर लीक मामलों के बीच कोई सीधा कनेक्शन है या नहीं?
  • ऑब्जर्वरों ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा की निगरानी कैसे की?
  • प्रश्नपत्र की गोपनीयता की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय थी?

IGKV Paper Leak का मामला अब केवल दो परीक्षाओं के रद्द होने तक सीमित नहीं है। प्लांट पैथोलॉजी प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल उठे हैं। विश्वविद्यालय ने दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराने और प्रश्नपत्र वितरण की व्यवस्था बदलने का फैसला किया है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग होने की पूरी कड़ी सामने आए और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

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