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चार साल की विपरीत परिस्थितियों में भी हमने छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा बनाए रखा : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि लगातार चार साल के विपरीत परिस्थितियों में भी हमने छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा बनाए रखा इसका यह सम्मेलन है। हमने किसानों, मजदूरों, नौजवानों सभी का भरोसा और विश्वास बनाए रखा। राज्य सरकार की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में खेती किसानी की प्रगति हुई। सरकार ने विभिन्न योजनाओं के जरिये लोगों की जेब मे पैसा डाला गया। इससे व्यापार और व्यवसाय भी बढ़ा, परिणास्वरूप उद्योग बढ़े, यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में किसी मंदी का प्रभाव नहीं पड़ा।

उन्होंने कहा हमारा प्रयास सबको आगे बढ़ाने का है, आज सरगांव में एक और बड़ा काम हुआ है, रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का लोकार्पण हुआ है। गांवों में उद्योग खोलने के लिए हम सुविधा प्रदान कर रहे हैं, जरूरतमंदों को रोजगार मिले यही हमारा उद्देश्य है। हमारे छत्तीसगढ़ में परंपरागत उद्योग हैं, इसका लाभ मिले इसलिए हमने रीपा की शुरुआत की है।

नगर पंचायत क्षेत्र के भूमिहीनों एवं मजदूरों को लाभान्वित करने के लिए हमने नगरीय क्षेत्रों में राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन मजदूर न्याय योजना की शुरुआत आज की गई। जैसे-जैसे गोधन न्याय योजना आगे बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे ही हम जैविक राज्य की दिशा में आगे बढ़ते जाएंगे। आज केवल के संपन्नता किसानों नहीं बढ़ी है बल्कि व्यापार, व्यवसाय और उद्योग भी बढ़े हैं। हमारा प्रयास सभी को आगे बढ़ाना है।

आवास के लिए हमने 3200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। दूसरी योजनाओं पर भी काम कर रहे हैं। हमने आज बेरोजगारी भत्ता वेब पोर्टल लॉन्च किया है, ऐसे बेरोजगार युवा जिनकी पारिवारिक आय ढाई लाख रुपए से कम है, वे इस वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से नए हितग्राही वंचित हो गए हैं इसलिए हम नए तरीके से सर्वेक्षण कराकर वंचित हितग्राहियों को आवास योजना से लाभान्वित करेंगे। आज हमने आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का एप्लिकेशन लांच किया है, हम सर्वे के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देंगे, नये हितग्राहियों को मकान देंगे।
नगर पंचायत क्षेत्र के भूमिहीनों एवं मजदूरों को लाभान्वित करने के लिए हमने नगरीय क्षेत्रों में राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन मजदूर न्याय योजना की शुरुआत आज की गई।
हमने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 6 हजार 500 रुपए के बजाए 10,000 रुपए हर माह, सहायिकाओं का मानदेय 03 हजार 250 रुपए से बढ़ाकर 05 हजार रुपए प्रति माह, मिनी कार्यकर्ताओं का मानदेय 04 हजार 500 से बढ़ाकर 07 हजार 500 रुपए प्रति माह किया है।
हमने कोटवारों, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों, स्कूलों में काम करने वाले स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की है।

प्रदेश के 9 हजार में से 5 हजार गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं इसलिए स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्ष को 750 और सदस्यों को 500 रुपये देने का निर्णय लिया है। हमने स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर हमने पत्रकारों का भी भरोसा जीता है।