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कबीरधाम में पंचायत सचिवों की हड़ताल जारी, सरकारी कामकाज ठप

कवर्धा, 3 अप्रैल 2025। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पंचायत सचिवों की हड़ताल 18वें दिन भी जारी है, जिससे ग्राम पंचायतों का पूरा प्रशासनिक कार्य ठप पड़ गया है। पंचायत सचिव मोदी की गारंटी को पूरा करने की मांग कर रहे हैं और सरकार के समिति गठन के प्रस्ताव को झांसा करार दे रहे हैं

100 दिन का वादा, 400 दिन का इंतजार!

पंचायत सचिव डमरु नाथ योगी, सीमा भास्कर, शेख सफुरूद्दीन और राजेंद्र परिहार ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने पंचायत सचिवों के शासकीयकरण का वादा किया था और इसे अपने जनघोषणा पत्र में भी शामिल किया था। सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर इस वादे को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब 400 से अधिक दिन बीत चुके हैं और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है

समिति गठन से सचिव नहीं होंगे गुमराह

पंचायत सचिवों का कहना है कि पिछले 30 वर्षों से सरकार केवल समितियां बनाकर सचिवों को गुमराह करती रही है। इस बार पंचायत सचिव समिति गठन के झांसे में नहीं आएंगे और जब तक शासकीयकरण नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ग्राम पंचायतों का कामकाज ठप, ग्रामीण परेशान

पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से गांवों में प्रशासनिक काम पूरी तरह से रुक गए हैंपीएम आवास, मनरेगा, पेंशन वितरण और अन्य मूलभूत कार्य ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सरपंचों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

कोरबा जिले के पौड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सरपंचों ने पंचायतों का संपूर्ण प्रभार अपने हाथ में लेने की मांग करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। सरपंचों का कहना है कि ग्राम पंचायत का काम बाधित नहीं होना चाहिए, क्योंकि सचिवों के बिना सरकारी योजनाओं को लागू करना मुश्किल हो गया है।

प्रशासन का जवाब – मामला शासन स्तर का

सरपंच संघ के पदाधिकारी रामदास ने बताया कि पंचायतों में पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सेवाओं में रुकावट आ रही है, लेकिन जिला प्रशासन का कहना है कि यह मामला शासन स्तर का है और वे इसमें कुछ नहीं कर सकते

सरकार की चेतावनी – फिर भी जारी है हड़ताल

सरकार ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर पंचायत सचिव काम पर नहीं लौटते हैं, तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, और सचिव अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।