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विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने आत्मानंद विद्यालय में किया गया विकासखण्ड स्तरीय कला उत्सव का आयोजन

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़)। स्कूल शिक्षा एवम साक्षरता विभाग भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय  के संयुक्त तत्वावधान में सरकार की एक ऐसी पहल, जिसके अंतर्गत हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानना, उसे संरक्षण एवं संवर्धन करना तथा शिक्षा में विविध कला को बढ़ावा देना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। यह आयोजन विद्यालय, संकुल, विकासखण्ड, जिला राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर होता है।

इसी तारतम्य मे आज विकासखण्ड स्तर पर स्वामी आत्मानंद विद्यालय सारंगढ़ में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आर.के.कश्यप एवं सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे, श्रीमती सोमा ठाकुर के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन मे कला उत्सव का आयोजन किया गया है। विदित हो कि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार के द्वारा हाई/हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यार्थियों मे अंतर्निहित कलात्मक प्रतिभा को पहचान कर एक मंच उपलब्ध कराना, जहां बच्चे जीवन के विभिन्न आयामों एवं कलाओं का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कर सकेंगे। कला उत्सव पारम्परिक लोक कलाओं एवं शास्त्रीय कलाओं के विभिन्न शैलियों पर केंद्रित होता है।

इस कला उत्सव में कला से संबंधित विभिन्न दस विधाओं को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। संगीत गायन, शास्त्रीय संगीत, नृत्य, नाटक, वाद्य खिलौना निर्माण आदि जैसे कलाओं के अंर्तगत बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आर.के कश्यप ने आयोजन के संदर्भ में बताया कि कला उत्सव प्रतिभागियों के जीवन कौशल मे सकारात्मक बदलाव लाएगा तथा उन्हें संस्कृति के विशेष संवाहक के रूप में प्रगति के पथ पर अग्रसर करेगा। कला उत्सव बच्चों में विविध मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को पहचानने और समझने में मदद करेगा। सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे ने बताया कि कला हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में विभिन्न कला विधाओं की जानकारी के साथ कलात्मक अनुभव की समझ और पहचान विकसित होगी। इसी प्रकार एबीईओ सोमा ठाकुर ने बताया कि कला उत्सव हमें व्यक्ति से समुदाय तक सृजनात्मक, रचनात्मक विस्तार सिखाती है, जो समाज के समग्र विकास में योगदान करती है। कला के विभिन्न आयामों का बच्चों द्वारा प्रदर्शन उनके जीवन में सार्थक बदलाव लाएगी।

विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक शोभाराम पटेल ने आयोजन से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को पठन पाठन के अतिरिक्त जीवन कौशलों के साथ विविध कलाओं की शिक्षा देना है। उन्होंने कहा कि कला उत्सव बच्चों के नैसर्गिक प्रतिभा को तराशने एवं सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण कदम है। आज के इस कार्यक्रम में विकासखण्ड के सभी हाई/हायर सेकंडरी विद्यालय से चयनित  बच्चों ने कला के विविध आयामों में सहभागिता किये। खण्ड स्तरीय इस कला प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में प्रचार्यगण विभावरी ठाकुर, प्राचार्य, ई कुजूर, श्यामलाल चौहान व्याख्यता, संकुल समन्वयक राजेश देवांगन, चुरेन्द्र लहरे, सत्येन्द्र बसंत, भरत देवांगन आदि ने बच्चों के बेहतरीन प्रदर्शन का आंकलन करते हुए क्रमश: प्रथम, प्रतिभागी के रूप में जिला स्तरीय कला प्रतियोगिता के लिए चयनित किये। विभिन्न विधाओं में जिला स्तरीय कला उत्सव के लिए चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित करते हुए विकासखण्ड के अधिकारियों एवं निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित करते हए उनके सुखद एवं सुरक्षित भविष्य की शुभकामनाएं दिए।