Muharram Taqreer Durg के तहत छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में इस वर्ष भी 10 दिवसीय जिक्र-ए-शोहदाए कर्बला तकरीर (प्रवचन) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन कमेटी शहर दुर्ग द्वारा आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम वार्ड क्रमांक 8 स्थित तकिया पारा ईदगाह मैदान में संपन्न होगा।
इस आयोजन का उद्देश्य समाज में प्रेम, सौहार्द, एकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों के शामिल होने की संभावना है।
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Muharram Taqreer Durg का 65वां वर्ष
अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन कमेटी के प्रतिनिधि जुनैद आज़मी और तबरेज़ खान ने बताया कि यह आयोजन अपने 65वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
कार्यक्रम की शुरुआत 17 जून को शाम मगरिब की नमाज के बाद परचम कुशाई के साथ होगी। इसके बाद 18 जून से 26 जून तक प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।
Muharram Taqreer Durg में आएंगे देश के प्रसिद्ध धर्मगुरु
मौलाना हासिम कानपुरी करेंगे तकरीर
इस वर्ष कानपुर से आने वाले मौलाना हासिम कानपुरी साहब 1 मोहर्रम से 10 मोहर्रम तक लगातार तकरीर प्रस्तुत करेंगे। वे कर्बला की कुर्बानी, इस्लामी शिक्षाओं और सामाजिक मूल्यों पर अपने विचार रखेंगे।
पीर सैय्यद जामी अशरफ की विशेष मौजूदगी
कार्यक्रम में पैगम्बर साहब के वंशज पीर सैय्यद जामी अशरफ साहब, किछौछा शरीफ (उत्तर प्रदेश) से भी पधारेंगे। वे 8 मोहर्रम से 10 मोहर्रम तक श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।
समिति के अनुसार, कई वर्षों बाद उनके दुर्ग आगमन को लेकर अनुयायियों में विशेष उत्साह है।
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समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश
Muharram Taqreer Durg के दौरान धर्मगुरु मानवता, शिक्षा, नैतिकता और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।
आयोजकों का कहना है कि प्रतिदिन की तकरीरों में लोगों को आपसी भाईचारा बनाए रखने, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी जाएगी।
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श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं
कार्यक्रम प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से तकिया पारा ईदगाह मैदान में प्रारंभ होगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।
महिलाओं के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की गई है ताकि वे भी आरामदायक वातावरण में धार्मिक कार्यक्रम का लाभ उठा सकें।
समिति ने दुर्ग एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
धार्मिक आयोजन से सामाजिक एकता को मिलेगा बल
अंजुमन इस्लाहुल मुस्लिमीन कमेटी का मानना है कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक परंपराओं का निर्वहन नहीं करते, बल्कि समाज को एकजुट करने और आपसी सद्भाव बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं।
कर्बला के शहीदों की कुर्बानी से प्रेरणा लेकर समाज में शांति, न्याय और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
Muharram Taqreer Durg धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों का महत्वपूर्ण आयोजन है। 10 दिवसीय जिक्र-ए-शोहदाए कर्बला कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध धर्मगुरुओं की मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगी। यह आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारा और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
