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हठधर्मिता छोड़ किसानों से माफी मांग, कृषि कानून वापस ले केंद्र सरकार : भूपेश बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार पर किसान बिल को लेकर हठधर्मिता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब किसानों को ही ये कानून पसंद नहीं है तब बेवजह उन पर ये कानून क्यों थोपा जा रहा है। सीएम भूपेश बघेल ने  कहा कि पिछले दो हफ्ते से किसान दिल्ली को घेरकर बैठे हुए हैं और देश के सभी किसान संगठनों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे है। छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस पार्टी ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
बीजेपी द्वारा कांग्रेस के 2019 के घोषणा पत्र का उदाहरण देने पर सीएम बघेल ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र से बीजेपी को क्या लेना देना। उन्होंने कहा कि बिहार में किसान 800 से 1000 रुपये में धान बेचने को मजबूर हैं। जबकि जो कानून अभी केंद्र ने लाया है, वो कानून बिहार में 2006 से लागू है, बावजूद किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिहार में किसानों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हैमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। तब ये व्यवस्था पूरे देश में क्यों लागू नहीं की जा सकती। केन्द्र सरकार को पूरे देश में समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करनी चाहिए। सीएम बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार की नज़र अब किसानों की ज़मीन पर है और अब बीजेपी को हठधर्मिता छोड़ किसानों से माफी मांगकर कानून वापस लेना चाहिए। केन्द्र के कृषि बिल के खिलाफ किसानों के देशव्यापी बंद के तहत छत्तीसगढ़ में बंद के व्यापक असर के बाद राजीव भवन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा ली गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के सभी मंत्री और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद रहे।