Skip to main content

4thnation

छत्तीसगढ़ में सियासत गर्म: बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे पर भूपेश बघेल ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से ही उनके इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बृजमोहन अग्रवाल के लोकसभा चुनाव में भाग लेने के समय से ही उनके केंद्रीय मंत्री बनने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में जगह नहीं मिली और अब उन्हें राज्य के मंत्री पद से भी इस्तीफा देना पड़ा है।

विपक्ष की सहानुभूति:

इस घटनाक्रम के बीच विपक्ष अचानक से बृजमोहन अग्रवाल की चिंता करने लगा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में अपनी सहानुभूति व्यक्त की है। उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भूपेश बघेल और बृजमोहन अग्रवाल के बीच खूब तनातनी देखने को मिली थी, लेकिन अब बघेल ने सोशल मीडिया पर अग्रवाल के प्रति समर्थन जताया है।

Screenshot 2024 06 21 164451

योग दिवस पर विवाद:

योग दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में बृजमोहन अग्रवाल का नाम अतिथि के रूप में शामिल नहीं था। इस पर भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “पहले विधानसभा से निकला, फिर मंत्रिमंडल से निकाला और अब रायपुर के सांसद को योग दिवस के कार्यक्रम से भी निकाल दिया। श्री बृजमोहन अग्रवाल जी एक वरिष्ठ राजनेता और जनप्रतिनिधि हैं, उनका नाम इस निमंत्रण पत्र में ना होना, रायपुर लोकसभा की जनता का भी अपमान है।”

भाजपा की प्रतिक्रिया:

भूपेश बघेल के इस पोस्ट पर छत्तीसगढ़ भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर री-ट्वीट करते हुए कहा, “भूपेश जी मंथरा बनने की कोशिश ना करें। बृजमोहन जी कांकेर में योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि हैं। रही बात विचारधारा की तो आपके कार्यकाल में टीएस सिंहदेव जी का सम्मान भी जनता ने देख लिया है।”

भाजपा ने आगे कहा, “बिल्ली के भाग से छींका बिल्कुल नहीं टूटने वाला है। जनता ने आपको झूठ और फरेब का जवाब दे दिया है। इसलिए कृपया जानकारी लेकर कुछ ट्वीट किया करें।”

इस पूरे मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का क्या प्रभाव पड़ेगा।