लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में साझा की गई बस्तर की जानकी यादव और नैना की कहानी

रायपुर (छत्तीसगढ़)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में बस्तर की जानकी यादव और नैना की कहानी साझा की गई। केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह के मुख्य आतिथ्य में वर्चुअली आयोजित लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी देशभर की महिलाएं, स्टॉफ एवं अधिकारी ऑनलाइन जुड़ें।

नेशनल कॉनक्लेव में एनआरएलएम की आजीविकामूलक गतिविधियों से लखपति बनी महिलाओं की प्रेरणादायक जीवन यात्रा को साझा किया गया। इनमें बस्तर की दो महिलाओं की कहानी भी शामिल थीं।

लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में ऑनलाइन शामिल हुईं देशभर की एनआरएलएम से जुड़ी महिलाएं और स्टॉफ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ीं दंतेवाड़ा जिले के गीदम की जानकी यादव की सफलता की कहानी से रू-ब-रू हुए। जानकी यादव मछलीपालन और सब्जियों की खेती कर लखपति बनी है। वह हर महीने अब 20 हजार रूपए कमा रही है। बस्तर जिले की नैना खेती के साथ ही पशुपालन और मछलीपालन भी करती है। इनसे उसे हर वर्ष एक लाख 40 हजार रूपए की आमदनी हो रही है।

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सम्मेलन में प्रदेशभर से ’बिहान’ की 30 हजार 300 से अधिक महिलाएं, स्टॉफ और अधिकारी ऑनलाइन जुड़े। इनमें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त स्टॉफ, कैडर, संकुल स्तरीय संगठन सदस्य, ग्राम संगठन सदस्य और ‘बिहान’ समूहों से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं। वेबकॉस्टिंग के जरिए नई दिल्ली से सम्मेलन का सीधा प्रसारण किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक पद्मिनी भोई साहू भी नेशलव कॉनक्लेव में ऑनलाइन मौजूद थे।