Operation Sindoor को लेकर सामने आई नई जानकारी ने मई 2025 की उस रात की तैयारियों और सैन्य नेतृत्व के बीच हुए घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है। एक डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि 6 मई 2025 की शाम, कार्रवाई शुरू होने से पहले शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण गतिविधियां चल रही थीं।
यह वही अभियान था जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ शुरू किया था। भारत सरकार के अनुसार, अभियान की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई और इसमें नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
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Operation Sindoor से पहले 6 मई की शाम क्या हुआ?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 6 मई की शाम बताया था कि वह बड़ौदा जा रहे हैं। उसी दौरान तत्कालीन DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई के घर पर उनकी बेटी और दामाद पहुंचे हुए थे।
इसी घटनाक्रम में नौसेना प्रमुख के घर से जुड़े कुछ विवरण भी सामने आए हैं। इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि सैन्य नेतृत्व के स्तर पर उस समय बेहद महत्वपूर्ण गतिविधियां चल रही थीं।
हालांकि, किसी भी सैन्य अभियान से जुड़े संवेदनशील संचालनात्मक विवरण को लेकर आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि को प्राथमिकता देना जरूरी है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के मुताबिक अभियान की योजना खुफिया सूचनाओं और तीनों सेनाओं के समन्वय पर आधारित थी।
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Operation Sindoor में तीनों सेनाओं का समन्वय
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक तीनों सेनाओं के बीच तालमेल रहा। भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर व्यापक सैन्य प्रतिक्रिया को अंजाम दिया।
सरकार ने इसे एक calibrated और intelligence-led tri-services response बताया था। इसका उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाना था, जबकि अभियान को सटीक और नियंत्रित रखने पर जोर दिया गया।
Operation Sindoor: पहलगाम हमले के बाद बड़ा फैसला
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया।
7 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अभियान में नौ प्रमुख आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया।
यह कार्रवाई केवल सैन्य जवाब नहीं थी, बल्कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में भी देखी गई। भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया कि निशाना आतंकी ढांचा था।
ऑपरेशन की योजना और सटीक कार्रवाई
Operation Sindoor की योजना में intelligence inputs की महत्वपूर्ण भूमिका रही। PIB के अनुसार, कई एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर नौ प्रमुख ठिकानों की पुष्टि की गई थी।
इसके बाद लक्ष्यों का चयन और सैन्य कार्रवाई बेहद सावधानी से की गई। सरकारी विवरण में इसे precision और professionalism पर आधारित अभियान बताया गया है।
ऑपरेशन के दौरान भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया। बाद में भारतीय सैन्य अधिकारियों ने अभियान से जुड़े कई पहलुओं पर मीडिया को जानकारी दी। PIB के आधिकारिक वेबकास्ट में 7 से 12 मई 2025 तक Operation Sindoor पर कई प्रेस ब्रीफिंग दर्ज हैं।
Operation Sindoor के बाद सीजफायर तक का घटनाक्रम
10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। तत्कालीन DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया था कि पाकिस्तान के DGMO से संपर्क के बाद दोनों देशों के बीच 10 मई शाम 5 बजे से सीजफायर और एयर इंट्रूजन रोकने पर सहमति हुई।
इसके बाद Operation Sindoor को लेकर भारतीय सेना और सरकार की ओर से अलग-अलग मंचों पर अभियान की जानकारी साझा की गई।
Operation Sindoor क्यों बना ऐतिहासिक अभियान?
Operation Sindoor को भारत के सैन्य इतिहास में महत्वपूर्ण अभियानों में गिना जा रहा है। इसकी खासियत सिर्फ सीमा पार कार्रवाई नहीं थी, बल्कि तीनों सेनाओं के समन्वित इस्तेमाल और intelligence-led planning में भी थी।
सरकार ने अभियान को multi-domain warfare के दौर में भारतीय सशस्त्र बलों की jointness और strategic planning का उदाहरण बताया।
वहीं, अभियान के बाद जारी आधिकारिक ब्रीफिंग में महिला सैन्य अधिकारियों विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने भी मीडिया के सामने कार्रवाई की जानकारी दी थी।
आगे भी सामने आते रहे Operation Sindoor के राज
ऑपरेशन खत्म होने के बाद भी इससे जुड़े कई पहलुओं की जानकारी धीरे-धीरे सार्वजनिक हुई। अगस्त 2025 में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भी अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना की कार्रवाई को लेकर कई अहम बातें बताई थीं।
अब डॉक्यूमेंट्री के जरिए 6 मई की शाम से जुड़े घटनाक्रम और शीर्ष सैन्य नेतृत्व की तैयारियों की चर्चा ने एक बार फिर इस अभियान को सुर्खियों में ला दिया है।
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Operation Sindoor भारत की आतंकवाद विरोधी सैन्य कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन चुका है। 6 मई की तैयारियों से लेकर 7 मई की कार्रवाई और 10 मई के सीजफायर तक घटनाओं की पूरी कड़ी भारतीय सैन्य नेतृत्व के समन्वय और रणनीतिक निर्णयों को सामने लाती है। हालांकि डॉक्यूमेंट्री में सामने आए हर दावे को आधिकारिक रिकॉर्ड से अलग-अलग सत्यापित करना जरूरी है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि Operation Sindoor ने भारत की सुरक्षा नीति और सैन्य क्षमता को लेकर एक बड़ा संदेश दिया।
