Delhi Mobile Data Shutdown को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली के मध्य क्षेत्र, विशेषकर जंतर-मंतर और उसके आसपास, मोबाइल डेटा सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। यह कदम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित परीक्षा पेपर लीक के विरोध में चल रहे युवा आंदोलन के बीच उठाया गया।
सूत्रों के अनुसार, सरकार के निर्देश के बाद प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने मोबाइल डेटा सेवाएं बंद कर दीं। हालांकि, इस संबंध में सरकार और दूरसंचार विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
Delhi Mobile Data Shutdown क्यों किया गया?
Delhi Mobile Data Shutdown का फैसला उस समय लिया गया, जब राजधानी के जंतर-मंतर क्षेत्र में परीक्षा पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारी पिछले महीने से धरने पर बैठे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल डेटा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया।
Delhi Mobile Data Shutdown का आम लोगों पर असर
मोबाइल डेटा सेवाएं बंद होने का असर केवल प्रदर्शन स्थल तक सीमित नहीं रहा। मध्य दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट आधारित सेवाएं प्रभावित हुईं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कई दुकानदारों, रेस्तरां संचालकों और छोटे व्यापारियों ने शिकायत की कि मोबाइल इंटरनेट बंद होने से वे यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं कर सके। इससे ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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टेलीकॉम कंपनियों ने किया आदेश का पालन
सूत्रों के अनुसार, सरकार के निर्देश के बाद प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने मोबाइल डेटा सेवाएं बंद कर दीं।
इनमें प्रमुख कंपनियां शामिल हैं—
- रिलायंस जियो
- भारती एयरटेल
- वोडाफोन-आइडिया
हालांकि खबर लिखे जाने तक इन कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग?
प्रदर्शनकारी संगठन परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
उनकी प्रमुख मांगें हैं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही।
प्रदर्शनकारी पिछले महीने से जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं और सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
Delhi Mobile Data Shutdown को लेकर सरकार और दूरसंचार विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि मोबाइल डेटा सेवाएं कब तक बहाल की जाएंगी। प्रशासन की ओर से फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर पड़ा असर
दिल्ली के मध्य क्षेत्र में इंटरनेट बंद होने से यूपीआई, क्यूआर कोड और अन्य ऑनलाइन भुगतान सेवाएं प्रभावित हुईं।
दुकानदारों का कहना है कि मोबाइल डेटा बंद होने के कारण कई ग्राहकों को नकद भुगतान करना पड़ा, जबकि कुछ लेन-देन रद्द भी करने पड़े। इससे छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
Delhi Mobile Data Shutdown ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक का आम नागरिकों और व्यापार पर कितना व्यापक असर पड़ता है। पेपर लीक के विरोध में जारी प्रदर्शन के बीच सरकार ने एहतियाती कदम उठाया है, जबकि प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता और प्रशासनिक फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।
