Sarguja जिले में दो आदिवासी नाबालिग लड़कियों से कथित दुष्कर्म की घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया है। सीतापुर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद बेक, विकास उर्फ राहुल और मनीष खलखो के रूप में हुई है। मामले में तीन अन्य नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
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Sarguja Crime: 24 अप्रैल को हुई थी वारदात
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 24 अप्रैल की है। पीड़िता अपने तीन अन्य सहेलियों के साथ एक विवाह कार्यक्रम से लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचे और जबरदस्ती लड़कियों को सुनसान स्थान पर ले गए।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके अलावा एक अन्य लड़की के साथ भी दुष्कर्म की बात सामने आई है। वहीं दो अन्य सहेलियां किसी तरह मौके से भागने में सफल रहीं।
परिवार को अगले दिन दी जानकारी
घटना के बाद पीड़िता घर पहुंची और अगले दिन अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद 26 अप्रैल को सीतापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित परिवार ने मेडिकल रिपोर्ट पर जताई असहमति
पुलिस ने पीड़िताओं को प्रारंभिक मेडिकल जांच के लिए सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा था। हालांकि 28 अप्रैल को पीड़ित परिवार ने मेडिकल रिपोर्ट पर असहमति जताई।
इसके बाद 29 अप्रैल को दोनों लड़कियों को बेहतर जांच के लिए जिला अस्पताल अंबिकापुर भेजा गया। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Sarguja मामले में पुलिस की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िताओं की सुरक्षा और काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है। पुलिस ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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Sarguja घटना पर कांग्रेस का सरकार पर हमला
Sarguja की इस घटना को लेकर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने में असफल साबित हो रही है। पार्टी ने कहा कि जशपुर, रायगढ़, कवर्धा और बालोद सहित कई जिलों में आदिवासी बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में जागरूकता अभियान और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
Sarguja और प्रदेश में बढ़ते अपराध पर चिंता
प्रदेश में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के तहत दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है और ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई जरूरी है।
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निष्कर्ष
Sarguja जिले में नाबालिग आदिवासी लड़कियों से दुष्कर्म की घटना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन इस घटना ने प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जरूरत है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके और महिलाओं व बच्चियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
