IPL Fake Ticket मामले का खुलासा

IPL Fake Ticket मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आईपीएल मैच के दौरान स्टेडियम के बाहर नकली टिकट बेचने वाले दुर्ग के 4 आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई लखनऊ साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से की। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी IPL टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, ATM कार्ड और प्रिंटिंग सामग्री बरामद की गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू शामिल हैं।

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ChatGPT की मदद से बनाए जा रहे थे नकली टिकट

IPL Fake Ticket: पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया से असली IPL टिकटों की तस्वीर डाउनलोड करते थे।

इसके बाद CorelDRAW सॉफ्टवेयर की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार किए जाते थे। टिकट का डिजाइन, साइज और पेपर क्वालिटी समझने के लिए आरोपियों ने ChatGPT का सहारा लिया।

तकनीक का गलत इस्तेमाल

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने आधुनिक तकनीक और डिजाइनिंग टूल्स का गलत इस्तेमाल किया।

यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से डिजाइनिंग सीखकर उन्होंने नकली टिकट तैयार करने का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। इस वजह से IPL Fake Ticket मामला और गंभीर माना जा रहा है।


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लखनऊ स्टेडियम में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

लखनऊ पुलिस के मुताबिक, 7 मई को इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मैच खेला गया था।

मैच देखने पहुंचे जालौन निवासी प्रदीप सिंह को आरोपियों ने स्टेडियम के बाहर दो टिकट बेचे। इसके बदले UPI के जरिए 1000 रुपए लिए गए।

स्कैनिंग में पकड़ी गई सच्चाई

जब पीड़ित एंट्री गेट पर पहुंचा तो टिकट स्कैन होते ही फर्जी निकला।

इसके बाद पीड़ित ने तुरंत सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की।


IPL Fake Ticket गिरोह कैसे करता था काम

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी पहले सोशल मीडिया और इंटरनेट से असली टिकटों की हाई क्वालिटी फोटो डाउनलोड करते थे।

इसके बाद टिकट की डिजाइन कॉपी कर नकली टिकट तैयार किए जाते थे। गिरोह टिकट के रंग, QR कोड और प्रिंट क्वालिटी पर भी विशेष ध्यान देता था।

डिजाइनिंग एक्सपर्ट था गिरोह का सदस्य

गिरोह का सदस्य विश्वजीत साहू 2D और 3D डिजाइनिंग जानता था। उसने यह स्किल यूट्यूब और कोचिंग के जरिए सीखी थी।

वहीं श्रीकांत बोरकर को पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह डिजाइनिंग के साथ कार वॉशिंग का काम भी करता था।


UPI ट्रांजैक्शन से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

IPL Fake Ticket मामले में आरोपियों की सबसे बड़ी गलती UPI पेमेंट लेना साबित हुई।

डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि पीड़ित द्वारा किए गए UPI ट्रांजैक्शन को ट्रेस कर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

दोदनखेड़ा चौराहे से हुई गिरफ्तारी

तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने लखनऊ के दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

अब पुलिस गिरोह के अन्य नेटवर्क और संभावित मामलों की जांच कर रही है।


दिल्ली में भी कर चुके थे कोशिश

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी नकली टिकट बेचने की कोशिश कर चुके थे।

हालांकि वहां उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने तकनीक और डिजाइन में सुधार कर लखनऊ को निशाना बनाया।

आर्थिक तंगी बनी वजह

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आर्थिक तंगी और नया कारोबार शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत थी।

इसी वजह से उन्होंने IPL Fake Ticket बनाने और बेचने की साजिश रची।


आरोपियों की भूमिका और मास्टरमाइंड कौन?

लखनऊ पुलिस के मुताबिक, नूतन कुमार साहू डिप्लोमा होल्डर है जबकि विश्वजीत इंटर पास है।

दोनों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब से फर्जी टिकट डिजाइनिंग सीखी थी।

मास्टरमाइंड था श्रीकांत बोरकर

ग्रेजुएट श्रीकांत बोरकर को पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

वहीं राजेंद्र चौधरी इस पूरे नेटवर्क में सहयोगी की भूमिका निभा रहा था। वह भी कार वॉशिंग का काम करता था।


IPL Fake Ticket से बचने के लिए क्या करें

विशेषज्ञों का कहना है कि IPL मैच या किसी बड़े आयोजन की टिकट हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही खरीदनी चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान

  • सड़क किनारे या अनजान लोगों से टिकट न खरीदें
  • QR कोड और टिकट डिटेल जांचें
  • UPI पेमेंट करते समय रिसीवर की जानकारी देखें
  • संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें

IPL Fake Ticket मामले ने दिखा दिया कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कर किस तरह लोगों को ठगा जा सकता है। ChatGPT और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से तैयार किए गए नकली टिकटों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। अब जरूरत है कि लोग भी सतर्क रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही टिकट खरीदें ताकि भविष्य में IPL Fake Ticket जैसे फ्रॉड से बचा जा सके।

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