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मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा डिजिटल फ्रॉड: ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने लखनऊ से 10 साइबर ठगों को किया गिरफ्तार

ग्वालियर, 16 मई 2025।
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने मध्यप्रदेश के सबसे बड़े डिजिटल फ्रॉड का खुलासा करते हुए लखनऊ और आसपास के जिलों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन साइबर ठगों ने रामकृष्ण आश्रम, ग्वालियर के खाते से 2 करोड़ 52 लाख रुपये की ठगी की थी। ठगी का यह मामला प्रदेश का सबसे हाई-प्रोफाइल साइबर क्राइम माना जा रहा है।

आरोपियों में सभी युवा लड़के शामिल हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों और नकली आईडी के आधार पर फर्जी बैंक अकाउंट खोलकर ठगी को अंजाम दिया। यह गैंग सुनियोजित तरीके से इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड रैकेट चला रहा था।

जांच एजेंसियों ने इससे पहले उज्जैन स्थित बंधन बैंक के मैनेजर, एक महिला कैशियर और नागदा से 6 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। पूछताछ में ‘रुद्र इंटरप्राइजेज’ नामक कंपनी का नाम सामने आया, जिसका खाता लखनऊ स्थित इंडसइंड बैंक में था। इसी खाते में 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि ग्वालियर स्थित रामकृष्ण मिशन संस्था के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को मनी लॉन्ड्रिंग केस के नाम पर डिजिटल रूप से 26 दिन तक “अरेस्ट” में रखा गया और इस दौरान 2 करोड़ 52 लाख रुपये की ठगी की गई।
इसमें से 1.30 करोड़ रुपये इलाहाबाद स्थित एक कंपनी के खाते में और 10 लाख रुपये उज्जैन के बंधन बैंक में ट्रांसफर किए गए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभी इस मामले में डिजिटल सबूतों और चैट डेटा की गहन जांच जारी है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यह एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है। क्राइम ब्रांच को उम्मीद है कि आगे और कई नाम सामने आ सकते हैं

ग्वालियर पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता मानते हुए जनता से सतर्क रहने और संदिग्ध कॉल, लिंक या बैंक संबंधित धोखाधड़ी से बचने की अपील की है।