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किशोरी से बनाए जबरिया शारीरिक संबंध गर्भवती होने पर हुआ खुलासा, आरोपी को आजीवन कारावास

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। किशोरी के साथ जबरिया शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को अदालत ने फैसला सुनाया है। इस जबरदस्ती का खुलासा किशोरी के गर्भवती होने पर परिजनों के सामने हुआ। प्रकरण के आरोपी युवक को आजीवन कारावास से दंडित किया गया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सरिता दास की अदालत में मंगलवार को सुनाया गया। इस मामले में पीड़ित किशोरी के पुर्नवास के लिए शासन से 4 लाख रुपए की प्रतिकर राशि दिलाए जाने की अनुशंसा की है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक कमल किशोर वर्मा ने पैरवी की थी।

मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। लगभग 16 वर्ष की किशोरी की जनवरी 2018 में तबीयत बिगड़ने पर परिजनों द्वारा उसकी मेडिकल जांच भिलाई के अस्पताल में कराया था। जांच में किशोरी के गर्भवती होने का खुलासा हुआ। परिजनों द्वारा पूछताछ किए जाने पर किशोरी ने बताया कि लगभग 2 माह पहले 11 नवंबर 2017 की शाम अपनी सहेली के साथ फेसबुक मित्र मधुसूदन नायक उर्फ सेम मोरसन (20 वर्ष) के घर गई थी। जहां सेम ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे। जिसके बाद से उसका मासिक धर्म नहीं हो रहा था। इस खुलासे के बाद परिजनों द्वारा पुलिस में 23 जनवरी 2018 को शिकायत दर्ज करायी गयी। शिकायत के आधार पर किशोरी के चिकित्सकीय परीक्षण पश्चात दफा 376 तथा पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रकरण को विचारण के लिए अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
प्रकरण पर विचारण विशेष न्यायाधीश सरिता दास की अदालत में किया गया। विचारण पश्चात अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त ने किशोरी को दोस्त होते हुए उसके साथ यह जघन्य अपराध किया है। जो कि अत्यंत गभीर और सामाजिक व मानवीय पहलुओं को देखते हुए अत्यंत शर्मनाक है। इस परिस्थिति में अभियुक्त के प्रति नरम रुख अपनाना उचित नहीं होगा। अभियुक्त मधुसूदन नायक उर्फ सेम मोरसन (20 वर्ष) को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास व 2000 रुपए अर्थदण्ड तथा दफा 376 के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास व 2000 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। प्रकरण के अभियुक्त को पुलिस ने 25 जनवरी 2018 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके पश्चात से वह फैसला सुनाए जाने तक जेल में ही निरुद्ध है।