चेन्नई: डीएमके के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी और लोकसभा सांसद ए राजा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर वह सच्चाई नहीं बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया जनगणना के आधार पर होगी, जिससे तमिलनाडु को आठ लोकसभा सीटों का नुकसान होगा।
परिसीमन पर डीएमके का विरोध
राजा ने कहा कि संविधान और 2002 के परिसीमन अधिनियम के तहत जनसंख्या के आधार पर ही सीटों का निर्धारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1971 में तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों में परिवार नियोजन को सफल मानते हुए संसद ने परिसीमन को 25 वर्षों के लिए टाल दिया था।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन 1971 की स्थिति बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे को स्पष्ट रूप से संबोधित नहीं कर रहे हैं।
अमित शाह के दावे को बताया “झूठा आश्वासन”
ए राजा ने अमित शाह के इस दावे को “झूठा आश्वासन” बताया कि तमिलनाडु की लोकसभा सीटों में कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने सवाल किया, “क्या परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होगा या मौजूदा सांसदों और विधायकों की संख्या के आधार पर?”
राजा ने अमित शाह की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें तमिलनाडु में “राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्तियों” के बढ़ने की बात कही गई थी। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ही असल में “विरोधी-क्षेत्रीय और विरोधी-तमिल” मानसिकता रखती है।
“भाजपा हिंदी थोपने की कोशिश कर रही”
राजा ने तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) पर भी प्रतिक्रिया दी और भाजपा पर हिंदी और संस्कृत थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर आप हमें दस उत्तर भारतीय राज्य बताते हैं जो तमिल, तेलुगु, या मलयालम को अपनाने को तैयार हैं, तो हम तुरंत तीन-भाषा नीति लागू कर देंगे।”
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