रायपुर, 5 नवंबर 2026। गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर के सुरक्षा बलों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। जवानों के साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने रायपुर में परेड में शामिल अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को बधाई दी, उनके अनुभव सुने और उनके साथ भोजन भी किया।
Chhattisgarh Police के प्रदर्शन पर विजय शर्मा ने जताया गर्व
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में छत्तीसगढ़ के जवानों की भागीदारी पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा था। जवानों को पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च करते देखना उनके लिए भावुक और गर्व का अनुभव था।
उन्होंने कहा कि जवान केवल परेड में हिस्सा नहीं ले रहे थे, बल्कि देश के सामने छत्तीसगढ़ के साहस, संघर्ष और बदलते बस्तर की नई पहचान भी प्रस्तुत कर रहे थे। इस प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश के सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता और कठिन परिस्थितियों में किए गए कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर सामने लाने का अवसर मिला।
बस्तर की महिला कमांडो ने दिखाया अद्भुत आत्मविश्वास
विजय शर्मा ने बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो के प्रदर्शन की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिला कमांडो ने जिस आत्मविश्वास, जोश और दृढ़ता के साथ परेड में मार्च किया, वह प्रेरणादायक था। उनके अनुसार, महिला जवान केवल अपनी टुकड़ी का प्रतिनिधित्व नहीं कर रही थीं, बल्कि बस्तर की महिलाओं की शक्ति, साहस और आत्मसम्मान की तस्वीर भी पेश कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों की पहचान कभी नक्सल हिंसा और भय से जुड़ी रही, आज उन्हीं क्षेत्रों की बेटियां राष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता और साहस का प्रदर्शन कर रही हैं। यह बस्तर में हो रहे बदलाव की सकारात्मक तस्वीर है।
महिला कमांडो की भागीदारी यह संदेश भी देती है कि अवसर और जिम्मेदारी मिलने पर बस्तर की महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। उनका प्रदर्शन प्रदेश की दूसरी युवतियों और पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
Chhattisgarh Police के जवानों ने साझा किए अनुभव
मुलाकात के दौरान परेड में शामिल अधिकारियों ने विजय शर्मा को अपनी तैयारियों और अनुभवों के बारे में बताया। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के लिए उन्होंने लगातार अभ्यास किया और कठिन मेहनत की। देश के अलग-अलग सुरक्षा बलों के साथ एक मंच पर प्रदर्शन करना उनके लिए यादगार अनुभव रहा।
उन्होंने एकता नगर की सुंदरता, आयोजन की भव्यता और वहां की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि परेड के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से उन्हें बधाइयां और शुभकामनाएं मिलीं। इससे उनका उत्साह और बढ़ा।
जवानों ने कहा कि उनके लिए सबसे गर्व का क्षण देश के सामने छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर के सुरक्षा बलों के योगदान को प्रस्तुत करना था। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष, साथियों के बलिदान और बस्तर में शांति स्थापित करने के प्रयासों को याद किया।
नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष से शांति और विकास तक का संदेश
विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में साहस, समर्पण और बलिदान के साथ नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष किया है। इस संघर्ष की कहानी को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि बस्तर भय और हिंसा के अतीत से आगे बढ़कर शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस बदलाव में सुरक्षा बलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की भागीदारी ने प्रदेश के सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों को सामने रखा।
Chhattisgarh Police के अधिकारियों ने निभाईं अहम जिम्मेदारियां
गुजरात के एकता नगर में आयोजित परेड में छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। इनमें शामिल प्रमुख अधिकारी इस प्रकार हैं:
- डीएसपी बृज किशोर यादव: उन्होंने संपूर्ण परेड के द्वितीय कमान अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई। वे वर्तमान में बीजापुर जिले के कुटरू में एसडीओपी के पद पर पदस्थ हैं।
- डीएसपी जितेंद्र कुम्भकार: वे परेड के आरक्षित टू-आईसी रहे। वर्तमान में सुकमा जिले के कोंटा में एसडीओपी हैं।
- डीएसपी कुलदीप बंजारे: उन्होंने डीआरजी की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व किया।
- शरद जायसवाल: वे डीआरजी पुरुष टुकड़ी के आरक्षित कमांडर रहे।
- डीएसपी अमृता पैकरा: उन्होंने डीआरजी एवं बस्तर फाइटर्स की महिला टुकड़ी का नेतृत्व किया।
- कविता ध्रुवे: वे महिला टुकड़ी की आरक्षित कमांडर रहीं।
- डीएसपी प्रवीण भारती: वे एसटीएफ टुकड़ी के आरक्षित अधिकारी रहे।
अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
मुलाकात के अंत में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी अधिकारियों के समर्पण, कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उनका साहस और अनुशासन प्रदेश के अन्य पुलिसकर्मियों तथा युवाओं के लिए प्रेरणा है।
एकता नगर की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में Chhattisgarh Police, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ की भागीदारी प्रदेश के सुरक्षा बलों के साहस और अनुशासन को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर बनी। खास तौर पर बस्तर की महिला कमांडो का प्रदर्शन बदलते बस्तर में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मविश्वास का प्रेरक उदाहरण रहा। विजय शर्मा ने अधिकारियों को बधाई देकर उनके योगदान और समर्पण का सम्मान किया।
