Smriti Irani Chhattisgarh Visit के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने महंगाई, महिला सुरक्षा और वोट चोरी जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने चुनावी वादों और जनता से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान बैज ने रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार से सवाल किए। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों पर भी जवाब देने का दबाव बनाया। ये बयान कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से जरूरी है।
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Smriti Irani Chhattisgarh Visit: महंगाई पर दीपक बैज के 10 सवाल
दीपक बैज ने चावल, दाल और शक्कर जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों को लेकर भाजपा से सवाल किए। उन्होंने कहा कि महंगाई के खिलाफ पहले आवाज उठाने वाली स्मृति ईरानी को अब बढ़ती कीमतों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
बैज ने शक्कर को 13 रुपये प्रति किलो उपलब्ध कराने के पुराने वादे का उल्लेख करते हुए उसे पूरा करने की मांग की। उन्होंने गैस सिलेंडर, खाद्य तेल, कपड़े, साबुन और दवाइयों की कीमतों पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा की चुनावी घोषणाओं का हवाला देते हुए महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने और पेट्रोल-डीजल 35 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध कराने के वादों पर जवाब मांगा। इन कीमतों से जुड़े वादों का वर्तमान आधिकारिक दर्जा और लागू होने की स्थिति संबंधित दस्तावेजों से सत्यापित की जानी चाहिए।
बैज ने महतारी वंदन योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विवाहित महिला को बिना भेदभाव देने की मांग भी की। उनके अनुसार, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि योजनाओं और चुनावी वादों का लाभ पात्र लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है।
महिला सुरक्षा पर साय सरकार को घेरा
Smriti Irani Chhattisgarh Visit के दौरान महिला सुरक्षा का मुद्दा भी राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में रहा। दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सवाल उठाए।
बैज ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन औसतन आठ से नौ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं और हर साल लगभग 3,200 महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने अपहरण, हत्या और एसिड अटैक जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
ये आंकड़े कांग्रेस अध्यक्ष के दावे के रूप में सामने आए हैं। इनकी पुष्टि के लिए पुलिस रिकॉर्ड, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों और संबंधित अवधि के आधिकारिक आंकड़ों से मिलान जरूरी है।
बैज ने स्मृति ईरानी से आग्रह किया कि वे महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार से जवाब मांगें। कांग्रेस का आरोप है कि महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार को अपनी उपलब्धियों और चुनौतियों पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भाजपा को जवाब
दीपक बैज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर भाजपा की प्रतिक्रिया पर भी पलटवार किया। बैज के अनुसार, खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि एक पुरानी कहावत का उल्लेख किया था।
बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा इस बयान को मुद्दा बनाकर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और वोट चोरी जैसे विषयों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। यह कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। बयान के सटीक संदर्भ और शब्दों को समझने के लिए मूल भाषण और संबंधित रिकॉर्ड देखना जरूरी है।
वोट चोरी और SIR पर भी मांगा जवाब
दीपक बैज ने वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी भाजपा तथा केंद्र सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर उठ रही आपत्तियों का जवाब दिया जाना चाहिए और जनता के सामने स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
SIR मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को लेकर किसी भी दावे या शिकायत का आकलन निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर किया जाना चाहिए।
बैज ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विवादों के जरिए जनता से जुड़े मूल मुद्दों से ध्यान नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और चुनावी वादों पर जवाब देने की मांग दोहराई।
भाजपा से जवाब की मांग, राजनीतिक बयानबाजी तेज
Smriti Irani Chhattisgarh Visit के बीच दीपक बैज के बयानों ने राज्य की राजनीति में महंगाई, महिला सुरक्षा और चुनावी वादों को फिर चर्चा में ला दिया है। कांग्रेस ने भाजपा से पुराने वादों, महिलाओं की सुरक्षा और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
फिलहाल, सामने आई जानकारी में कांग्रेस अध्यक्ष के आरोप और मांगें प्रमुख हैं। इन दावों पर भाजपा या संबंधित सरकारी विभागों का विस्तृत जवाब उपलब्ध होने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। महंगाई, महिला सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया जैसे विषयों पर निष्पक्ष चर्चा के लिए राजनीतिक बयानों के साथ आधिकारिक आंकड़ों और प्रमाणित तथ्यों को भी सामने रखना जरूरी है।
